मरने से बचना है तो गाय की
शरण में जाओं : मेघराज जैन
वर्तमान में राजनीतिक और सामाजिक विषमता का दौर है। हम अपनी स्थापित धार्मिक एवं सामाजिक परम्परायें भुलाते जा रहे हैं जबकि विज्ञान उन्हें स्वीकार करता है। प्राणी मात्र का कल्याण ही धर्म हैं। मरने से बचना है तो गाय की शरण में जाओं। गाय द्वारा प्रदत्त जीवन दायित्वों, एवं शाक्ति का उपयोंग करना जरुरी है।
उक्त विचार बतौर मुख्य अतिथी मध्य प्रदेश गौ पालन संवर्धन आयोग के अध्यक्ष श्री मेघराज जैन ने पत्रकार फाउण्डेशन वेल्फेयर एसोसिएशन द्वारा गौ संवर्धन आयोग भोपाल जिले में नवनियुक्त उपाध्यक्ष प्रमोद नेमा के अभिनन्दन समारोह में व्यक्त किये। कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय एकता परिषद के उपाध्यक्ष, पत्रकार चिन्तक एवं विचारक रमेशशर्मा ने की। इस अवसर पर बृज मोहन रामकली गौ संरक्षण केन्द्र के अध्यक्ष प्रहलाद दास मंगल एवं झरनेश्वर नागरिक बैंक के संचालक मनमोहन कुरापा विशेष अतिथि के रुप में उपस्थित थे।
श्री जैन ने कहा कि गाय पर अनुंसधान का कोई केन्द्र नहीं है सिर्फ कसाई खानों को खोलने मेें हमारा विश्वास है, क्योकि गौ वंश मांस
का विदेशों में निर्यात कर कमाई का जरिया बनाये जा रहे हैं। श्री जैन ने बताया कि हिन्दुस्तान की भूमि बञ्जर नही होने का कारण गाय का गोबर है। गाय के दूध से कुपोषण दूर होता है। उन्होने कहा कि कम उम्र में समाज सेवा का संकल्प यदा कदा ही दिखाई देता है।
राष्ट्रीय एकता परिषद के उपाध्यक्ष रमेश शर्मा ने कहा कि कचरे में मिली पन्नी खाना गायों की मौत का कारण है। एक सौ पचास प्रकार कीबीमारियां गौ मूत्र और पंचगव्य से दूर की जा सकती हैं। गाय नहीं होगी तो हम नहीं होगें। विदेशी झूठन की तरफ हमारा ध्यान है
देश की संस्कृति को हम भूलते जा रहे हैं। उन्होने कहा कि गौ संरक्षण आवश्यक है।
पत्रकार फाउण्डेशन के अध्यक्ष ओम प्रकाश हयारण ने कहा कि गौ माता के शरीर में छत्तीस करोंड़ देवताओं का वास है। गौ माता के गौबर मे लक्ष्मी जी वास करती हैं। वहीं गौ मूत्र से बनी दवाओं से कैंसर जैसी कई बीमारियों का इलाज आसानी से हो जाता है। भोपाल मे पच्चीस गौ शाला होने के बावजूद भी गौ मूत्र से बनी दवाओं और उसके लाभ का प्रचार प्रसार यनही हो रहा है।
इसके पूर्व अतिथियों
ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शम्भारम्भ किया। तत्पश्चात श्री मेघराज जैन एवं श्री रमेश शर्मा ने गौ संवर्धन बोर्ड भोपाल जिले के उपाध्यक्ष प्रमोद नेमा का शाल श्रीफल, प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह पुष्पहार से अभिनन्दन किया। पत्रकार फाउण्डेशन की और से अध्यक्ष ओम प्रकाश हयारण सचिव असरार अली, वीरेन्द्र सिंह चौहान, सलीम खादीवाला, रानी यादव, जनसंवेदना के अध्यक्ष आर. एस. अग्रवाल, बड़वाले महादेव मन्दिर समिति के सञ्जय अग्रवाल पूड्ढी, बृजमोहन रामकली गौ शाला के अध्यक्ष प्रहलाद दास मंगल, मेडीकल एसोसियेशन के अध्यक्ष ललित जैन नेमा समाज के सञ्जय नेमा समेत नगर की अनेक धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं ने पुष्पहारों से अतिथियों एवं प्रमोद नेमा का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन विमल भण्डारी सुरताल ने तथा आभार मनमोहन कुरापा ने व्यक्त किया।
Sunday, April 3, 2011
श्री राम निषाद की मित्रता, दो संस्कृति का संगम


श्री राम निषाद की मित्रता, दो संस्कृति का संगम श्री राम निषाद की मित्रता, दो संस्कृति का संगम
राजेन्द्र कश्यप
प्राचीन जम्बूदीप के अन्तर्गत रघुकुल वंश के प्रतापी राजा दशरथ के राज्य आयोध्या की सीमा कोशल राज्य और निषाद देश से मिली हुई थी। राजा
दशरथ की पुत्री शान्ता का विवाह श्रृंगी ऋषि से हुआ था। गुह राज निषाद राज्य की राजधानी श्रग्वेरपुर सुव्यवस्थित आदिवासियों का सम्पन्न राज्य था। गृहराज
निषाद और दशरथ्र पुत्र रामचन्द्र जी ने वान्यकाल में एक ही गुरूकुल में राजनीति, व्यवहार,आचरण और शास्त्र की विद्या प्राप्त की थी। शिक्षा प्राप्त करते
समय ही निषाद राजकुमार गुह ने बाल सुलळा मन से रामचन्द्र जी से निषाद देश में कभी आने का आमन्त्रण दिया था, श्रंृंग्वेरपुर के राजा गुह के बनने के
समय उनके राज्य में श्रंगी ऋषि के कारण वन में काफी यक्षकर्ता, नागरिक,व्यापारी,मुनी,तपस्वी और जंगली वन सम्पदा से राज्य सम्पन्न था। राज्य की सैन्य एवं
गुप्तचर व्यवस्था उत्तम थी । शहर के निवासी सुखपुर्वक निवास करते थे। वन सम्पदा से राज्य सम्पन्न था। राज्य के नागरिक सेनिकों ओर कड़ी गुप्तचर व्यवस्था
सुदृड़ होने के कारण सुखपूर्वक रहते थे।
गुप्तचरों द्वारा राम, लक्ष्मण और सीताजी के वनवासी देश के राज्य की में प्रवेश करने पर गृह राज निषाद स्वयं अपनी पत्नी ,मन्त्री,सेनापति,सेनिकों
ओर कुटुम्बियों सहित अगवानी हेतु सीमा पर पहुंच गये । राजकुमार रामचन्द्र आगे बढ़कर निषादराज को गले लगाकर उनके बन्धु बान्धव कुटुबियों और राज्य के
नागरिकों की कुशलक्षेम पूछी। गुहराज ने अपनी पत्नी, ओैर कुटुबिंयों सहित राज्य की कुशलता दर्शा कर श्री राम का स्वागत किया।
अयोध्या के राजकुमार राम,लक्ष्मण ओर सीता को वनवासी वेश में देख निषाद राज बहुत विस्मय में पड़ गये,कयोंकि उस युग में राजघरानें राजा,
राजकुमारों की वेशभूषा निर्धारित थी। सेनापति ओर मन्त्री भी अपनी वििश्ष्ट वेशभूषा में रहते थे। राजरानी सीता भी वनवासी वेषभूषा में थीं। कुशलक्षेम के
पश्चात जब राजकुमार ने वनवास का कारण ओर अपने वचनों की बात राजा गुह को बताई। तब राजा गुह ने राजकुमार राम,लक्ष्मण और सीता को प्रेमवश
पूरा राज्य समर्पित करते हुए 14 वर्ष श्रंग्वेरपर राज्य में ही निवास करने का निवेदन किया। रामचन्द्र जी ने राजधानी और नगर में चलने से वनवास के कारण
वन में ही रूकने का कहा। निषाद राज के मन्त्री ओर सेवक वनवासियों ने तत्काल उनके निवास के लिये कुटिया,आसन्दी और सीता जी के स्नान के लिये पृथक
से जल कुण्ड का निर्माण कर दिया निषाद राज ने राजकुमार राम, लक्ष्मण सीताजी को विभिन्न पकवानों,फल फूल कन्द का भोजन प्रस्तुत किया। प्रतीज्ञा में बन्धे
राम ने पकवान को छोड़कर वन फलों को सप्रेम स्वीकार किया। लक्ष्मण ने एक वृक्ष के नीचे घासफूस और पत्तियों की शैया बना दी। राम एवं सीता ने वहीं
पर विश्राम किया। पास ही लक्ष्मण धनुषबाण लेकर सुरक्षा के लिये खड़े हो गये राजकुमार लक्ष्मण राजा गुह की मेत्री भावना को देख बहुत ही प्रसन्न ओर
चकित हो गये। एक राजा मित्रतावश अपना पूरा राज्य अपने मित्र को समर्पित कर दे ऐसी विराट प्रेम भावना, समर्पण ओर निष्टा लक्ष्मण को मोहित कर गई।
रात्रि होने पर लक्ष्मण को गुहराज ने विश्राम करने का आग्रह किया तो उन्होनें रात्रि में जंगली जानवरों से रक्षा के लिये जीवन भर न सोने का
संकल्प लेने का प्रण किया। निषाद राज गुह ने भी लक्ष्मण के साथ रात्रि भर जागरण किया। जितेन्द्र लक्ष्मण ने 14 वर्ष तक रात्रि में कभी सोये नहीं जब
रावण के पुत्र इन्द्रजीत ने शक्तिबाण से मुछित होने पर हनुमान जी द्वारा सञ्जीवनी बूटी के सेवन करने पर ही होश में आये थे।
अयोध्या के राजकुमार भरत ओर शत्रुघ्न के लोटने पर महामन्त्री सुमन्त के साथ रथ पर सवार सेना, मन्त्री गणमान्य नागरिकों के साथ राम, लक्ष्मण
और सीताजी को अयोध्या वापिस लोटाकर लाने के लिये भरतजी श्रग्वेरपुर की सीमा पर सैनिकों सहित पहुंचे। भरत के आने के समाचार मिलने पर लक्ष्मण
क्रोधित हुए तब निषाद राज ने अपनी सेना तैयार होने का आदेश दिया परन्तु गुप्तचरों द्वारा ज्ञात होने पर ही महामन्त्री सुमन्त के साथ भरत ओर शत्रुध्न
सममान सहित राम,लक्ष्मण ओर सीताजी को वनवास से लोटा कर अयोध्या में राम का राज्याभिषेक कराने की इच्दा से आये हैं, तब राजा गुह ने भरत सहित
सेना को श्रग्वेरपुुर की सीमा प्रवेश की आज्ञा दी।
रामभरत मिलाप हुआ परन्तु रामचन्द्र जी वनवास से लोटने से इंकार कर दिया और भरत को अयोध्या में राज्य सम्भालने की आज्ञा दी। राम और भरत
के प्रेम से निषादराज गुह काफी प्रभावित हुये । भरत रामचन्द्र जी की पादुका लेकर अयोध्या लोट गये। कुछ समय पश्चात केवट द्वारा राम लक्ष्मण और सीता
जी गंगा नदी पार कर शेशल राज्य में प्रवेश करने पर मातृभूमि की माटी को छूकर प्रणाम कर गुहराज निषाद वन में भारद्वाज ऋषि से मिलवाने के बाद
रामचन्द्र जी ने निषाद राज को अपने राज्य वापिस लोटने को कहा इस पर गुह राज ने इंकार कर दिया, तब श्री राम ने निषाद राज को मित्रता निभाने का
आग्रह किया और अयोध्या की सीमा की रक्षा एचं भरत के छोटे भाई की तरह रक्षा करने की बात की तब गुहराजा श्रग्वेरपुर वापिस लोटे। अयोध्या की राक्षा
का दायित्व मित्रता का बन्धन बन गया।
रावण वध के पश्चात राम के अयोध्या में पहंचने पर जब रामचन्द्र जी का राज्याभिषेक होने जा रहा था। निषाद राजगुह की ससम्मान अयोघ्या
सपत्नी,मत्री सहित आमन्त्रित किया। वनवासी निषाद,राजा गुह राज्यािभेषक में सम्मिलित हुए। इस तरह हम समझते हैं कि राम और निषाद की मित्रता और
उनका मिलन वास्तव में भारत की प्राचीन निषाद संस्कृति और आर्य संस्कृती का मिलन था। दोनों संस्कृतियों के बीच एकता हुई और अंशाति फेलाने वाली
दुष्ट रक्ष संस्कृति के निर्माता रावण अपने वंश सहित समाप्त हो गया। ऋषि, मुनि, तपस्वी ओर वनवासी सुख पूर्वक रहने लगे।
शुक्ल पक्ष की पंचमी को निषाद राज गुह की ओर शुक्ल पक्ष की नवमी को भगवान रामचन्द्र की जयन्ती पूरे देश में मनायी जाती है।
Thursday, March 31, 2011
NBA places fabricated facts before PM
NBA places fabricated facts before PM
Bhopal: The Narmada Bachao Andolan activists, opposing the much needed Maheshwar Hydrill Power Project in Maheshwar, have intensified their anti-project activities and are trying to misguide the Central Government by distorting and manipulating false information. In a letter written to the Prime Minister Dr Manmohan Singh, the activists have claimed that dam construction works are on completion while R&R is still hardly 10 percent. The activists also alleged that the state government and the project officials are trying to complete the project while ignoring commitments towards oustees. The facts are totally wrong and misleading as most of the rehabilitation work is complete. The oustees are already constructing their brick houses on the new site. Residential plots to oustees have already been allotted through a transparent lottery system in February 2010. All basic amenities of top class are already existing on the rehabilitation site and many oustees families are already living there.
Few residents supporting NBA activists and were opposing rehabilitation at Mulgaon village. A village under submergence, have also joined hands in the process of development and are overwhelmingly supporting land acquisition. A few people have been left out of the survey as they earlier opposed rehabilitation under wrongful influence of NBA. These residents are now trying and approaching for rehabilitation.
NBA is trying to create confusion by divulging in mongering distorted picture of R&R works being carried out.
Although chief minister Shivraj Singh Chouhan has been pressing for completion of the project at the earliest, he still insists that due care must be taken of proper rehabilitation of the project oustees. The project officials have also ensured that best possible facilities of modern living are made available to those families under rehabilitation plan. A meeting of senior officials of the Ministry of Forest and Environment is scheduled in near future in order to scrap restrictions earlier imposed on part constructions. As the project is fast moving towards completion, the decision would go a long way to speed things further. NBA activists are trying to sabotage the project for their vested interests.
It needs mention here that a total of 22 villages are coming under submergence under the Maheshwar HEP. Out of these 13 villages are coming under total submergence while the remaining 9 villages will face partial submergence. Rehabilitation has been planned for 18 villages. There is no need for rehabilitation in 2 villages while residents of the remaining 2 villages have opted for cash compensation.
Development works are almost complete in 10 villages. Residential plots have been allotted in 8 rehabilitation sites while in two villages, the process of allotment is underway. In 6 villages work would start on availability of land required for R&R.
Bhopal: The Narmada Bachao Andolan activists, opposing the much needed Maheshwar Hydrill Power Project in Maheshwar, have intensified their anti-project activities and are trying to misguide the Central Government by distorting and manipulating false information. In a letter written to the Prime Minister Dr Manmohan Singh, the activists have claimed that dam construction works are on completion while R&R is still hardly 10 percent. The activists also alleged that the state government and the project officials are trying to complete the project while ignoring commitments towards oustees. The facts are totally wrong and misleading as most of the rehabilitation work is complete. The oustees are already constructing their brick houses on the new site. Residential plots to oustees have already been allotted through a transparent lottery system in February 2010. All basic amenities of top class are already existing on the rehabilitation site and many oustees families are already living there.
Few residents supporting NBA activists and were opposing rehabilitation at Mulgaon village. A village under submergence, have also joined hands in the process of development and are overwhelmingly supporting land acquisition. A few people have been left out of the survey as they earlier opposed rehabilitation under wrongful influence of NBA. These residents are now trying and approaching for rehabilitation.
NBA is trying to create confusion by divulging in mongering distorted picture of R&R works being carried out.
Although chief minister Shivraj Singh Chouhan has been pressing for completion of the project at the earliest, he still insists that due care must be taken of proper rehabilitation of the project oustees. The project officials have also ensured that best possible facilities of modern living are made available to those families under rehabilitation plan. A meeting of senior officials of the Ministry of Forest and Environment is scheduled in near future in order to scrap restrictions earlier imposed on part constructions. As the project is fast moving towards completion, the decision would go a long way to speed things further. NBA activists are trying to sabotage the project for their vested interests.
It needs mention here that a total of 22 villages are coming under submergence under the Maheshwar HEP. Out of these 13 villages are coming under total submergence while the remaining 9 villages will face partial submergence. Rehabilitation has been planned for 18 villages. There is no need for rehabilitation in 2 villages while residents of the remaining 2 villages have opted for cash compensation.
Development works are almost complete in 10 villages. Residential plots have been allotted in 8 rehabilitation sites while in two villages, the process of allotment is underway. In 6 villages work would start on availability of land required for R&R.
एनएसयूआई कार्यकर्ताओं का हल्ला बोल, पुलिस से हुई झड़प
एनएसयूआई कार्यकर्ताओं का हल्ला बोल, पुलिस से हुई झड़प
एनएसयूआई कार्यकर्ताओं का हल्ला बोल, पुलिस से हुई झड़प
भोपाल,31 मार्च 2011। मध्य प्रदेश में उच्च शिक्षण संस्थानों में व्याप्त तमाम गड़बड़ियों को लेकर विधानसभा का घेराव करने जा रहे भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़पें हुईं। पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया। झड़पों में पुलिस अधिकारियों सहित कई कार्यकर्ता घायल हुए हैं।
एनएसयूआई के कार्यकर्ता गुरुवार को विधानसभा का घेराव करने जा रहे थे। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने पहले पानी की बौछारें छोड़ी। बैरीकेड्स पार करने की कोशिश कर रहे कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने लाठियां बरसाईं।
प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई। पुलिस के लाठीचार्ज की वजह से एनएसयूआई के कई कार्यकर्ताओं को चोटें आई हैं। वहीं दो पुलिस अधिकारियों को भी चोट लगने की जानकारी मिली है।
एनएसयूआई का आरोप है कि राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों में गड़बडियां चरम पर हैं जबकि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एवीबीपी) के लोग खुलेआम गुंडागर्दी कर रहे हैं।
गौरतलब है कि खंडवा के कृषि महाविद्यालय में एक प्राध्यापक से की गई बदसलूकी के कारण एक अन्य प्राध्यापक को इतना सदमा लगा कि उनकी मौत हो गई। इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ अब तक कार्रवाई नहीं की गई है। प्रदर्शन में सुरेश पचौरी भी शामिल हुए।
Date: 31-03-2011 Time: 18:38:09
एनएसयूआई कार्यकर्ताओं का हल्ला बोल, पुलिस से हुई झड़प
भोपाल,31 मार्च 2011। मध्य प्रदेश में उच्च शिक्षण संस्थानों में व्याप्त तमाम गड़बड़ियों को लेकर विधानसभा का घेराव करने जा रहे भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़पें हुईं। पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया। झड़पों में पुलिस अधिकारियों सहित कई कार्यकर्ता घायल हुए हैं।
एनएसयूआई के कार्यकर्ता गुरुवार को विधानसभा का घेराव करने जा रहे थे। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने पहले पानी की बौछारें छोड़ी। बैरीकेड्स पार करने की कोशिश कर रहे कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने लाठियां बरसाईं।
प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई। पुलिस के लाठीचार्ज की वजह से एनएसयूआई के कई कार्यकर्ताओं को चोटें आई हैं। वहीं दो पुलिस अधिकारियों को भी चोट लगने की जानकारी मिली है।
एनएसयूआई का आरोप है कि राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों में गड़बडियां चरम पर हैं जबकि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एवीबीपी) के लोग खुलेआम गुंडागर्दी कर रहे हैं।
गौरतलब है कि खंडवा के कृषि महाविद्यालय में एक प्राध्यापक से की गई बदसलूकी के कारण एक अन्य प्राध्यापक को इतना सदमा लगा कि उनकी मौत हो गई। इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ अब तक कार्रवाई नहीं की गई है। प्रदर्शन में सुरेश पचौरी भी शामिल हुए।
Date: 31-03-2011 Time: 18:38:09
वर्ष तक के बच्चों की संख्या में 50 लाख की कमी
वर्ष तक के बच्चों की संख्या में 50 लाख की कमी
6 वर्ष तक के बच्चों की संख्या में 50 लाख की कमी
नई दिल्ली, 31 मार्च 2011। देश की 15वीं जनगणना के प्रारम्भिक आंकड़े गुरुवार को जारी किए गए, जिसके मुताबिक बच्चों (0-6 वर्ष) की कुल जनसंख्या में पिछले आंकड़ों की तुलना में 50 लाख की गिरावट दर्ज की गई है।
भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त सी.चंद्रमौली द्वारा गुरुवार को जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक 0-6 वर्ष के बच्चों की कुल आबादी 15.88 करोड़ है जो वर्ष 2001 की जनसंख्या से लगभग 50 लाख कम है। इसमें 3.08 प्रतिशत की नकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई है।
आंकड़ों के मुताबिक बच्चों (0-6 वर्ष) की संख्या में 2.42 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है जबकि बच्चियों (0-6 वर्ष) में 3.80 फीसदी की कमी दर्ज की गई है।
चंद्रमौली के मुताबिक 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अब (0-6 वर्ष) के बच्चों की संख्या 10 लाख से ऊपर पहुंच गई है जबकि पांच अन्य राज्यों में इसी उम्र के बच्चों की संख्या 10 लाख से नीचे है। आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश (2.97 करोड़), बिहार (1.86 करोड़), महाराष्ट्र (1.28 करोड़), मध्य प्रदेश (1.05 करोड़) और राजस्थान में इस उम्र के बच्चों की संख्या (1.05 करोड़) है। देश में बच्चों की कुल आबादी के 52 बच्चे इन राज्यों में हैं। चंद्रमौली ने बताया कि आबादी के 13.1 फीसदी बच्चे है जबकि पिछली जनगणना में यह आंकड़ा 15.9 फीसदी था, जिसमें 2.8 फीसदी की कमी आई है।
Date: 31-03-2011 Time: 16:25:30
6 वर्ष तक के बच्चों की संख्या में 50 लाख की कमी
नई दिल्ली, 31 मार्च 2011। देश की 15वीं जनगणना के प्रारम्भिक आंकड़े गुरुवार को जारी किए गए, जिसके मुताबिक बच्चों (0-6 वर्ष) की कुल जनसंख्या में पिछले आंकड़ों की तुलना में 50 लाख की गिरावट दर्ज की गई है।
भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त सी.चंद्रमौली द्वारा गुरुवार को जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक 0-6 वर्ष के बच्चों की कुल आबादी 15.88 करोड़ है जो वर्ष 2001 की जनसंख्या से लगभग 50 लाख कम है। इसमें 3.08 प्रतिशत की नकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई है।
आंकड़ों के मुताबिक बच्चों (0-6 वर्ष) की संख्या में 2.42 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है जबकि बच्चियों (0-6 वर्ष) में 3.80 फीसदी की कमी दर्ज की गई है।
चंद्रमौली के मुताबिक 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अब (0-6 वर्ष) के बच्चों की संख्या 10 लाख से ऊपर पहुंच गई है जबकि पांच अन्य राज्यों में इसी उम्र के बच्चों की संख्या 10 लाख से नीचे है। आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश (2.97 करोड़), बिहार (1.86 करोड़), महाराष्ट्र (1.28 करोड़), मध्य प्रदेश (1.05 करोड़) और राजस्थान में इस उम्र के बच्चों की संख्या (1.05 करोड़) है। देश में बच्चों की कुल आबादी के 52 बच्चे इन राज्यों में हैं। चंद्रमौली ने बताया कि आबादी के 13.1 फीसदी बच्चे है जबकि पिछली जनगणना में यह आंकड़ा 15.9 फीसदी था, जिसमें 2.8 फीसदी की कमी आई है।
Date: 31-03-2011 Time: 16:25:30
भोपाल में बनेगा अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम : शिवराज
भोपाल में बनेगा अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम : भोपाल में बनेगा अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम : शिवराज
भोपाल, 31 मार्च 2011। विश्व कप के सेमीफाइनल मुकाबले में भारत द्वारा पाकिस्तान पर दर्ज की गई शानदार जीत को यादगार बनाए रखने के लिए मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट स्टेडियम बनाया जाएगा।
पंजाब के मोहली में खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में भारत ने बुधवार को पाकिस्तान को 29 रनों से पराजित किया था। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पाकिस्तान पर दर्ज की गई इस शानदार जीत पर यह घोषणा की और साथ ही भारतीय क्रिकेट टीम को जीत के लिए बधाई व फाइनल मुकाबले के लिए शुभकामनाएं दी। चौहान ने मैच को अपने आवास पर बड़ी स्क्रीन पर देखा और हर क्षण का आनंद लिया। इतना ही नहीं भारत को जैसे ही जीत मिली चौहान व उनकी धर्मपत्नी साधना सिंह ने आतिशबाजी भी की।
भारत की जीत पर चौहान ने कहा है कि अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन के बल पर दूसरी बार विजेता का खिताब हमारी टीम को हासिल होगा। उन्होंने कहा कि क्रिकेट ने दोनों देशों के बीच सौहाद्र्रपूर्ण वातावरण बनाने तथा सांस्कृतिक संबंधों को प्रगाढ़ बनाने में अहम भूमिका निभाई है।
चौहान ने भारत की जीत को चिरस्थाई रखने के लिए भोपाल में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम बनाने की घोषणा की। ज्ञात हो कि मध्य प्रदेश के इंदौर और ग्वालियर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम हैं लेकिन राजधानी भोपाल को हमेशा इसकी कमी खलती रही है।
Date: 31-03-2011 Time: 16:00:10
भोपाल, 31 मार्च 2011। विश्व कप के सेमीफाइनल मुकाबले में भारत द्वारा पाकिस्तान पर दर्ज की गई शानदार जीत को यादगार बनाए रखने के लिए मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट स्टेडियम बनाया जाएगा।
पंजाब के मोहली में खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में भारत ने बुधवार को पाकिस्तान को 29 रनों से पराजित किया था। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पाकिस्तान पर दर्ज की गई इस शानदार जीत पर यह घोषणा की और साथ ही भारतीय क्रिकेट टीम को जीत के लिए बधाई व फाइनल मुकाबले के लिए शुभकामनाएं दी। चौहान ने मैच को अपने आवास पर बड़ी स्क्रीन पर देखा और हर क्षण का आनंद लिया। इतना ही नहीं भारत को जैसे ही जीत मिली चौहान व उनकी धर्मपत्नी साधना सिंह ने आतिशबाजी भी की।
भारत की जीत पर चौहान ने कहा है कि अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन के बल पर दूसरी बार विजेता का खिताब हमारी टीम को हासिल होगा। उन्होंने कहा कि क्रिकेट ने दोनों देशों के बीच सौहाद्र्रपूर्ण वातावरण बनाने तथा सांस्कृतिक संबंधों को प्रगाढ़ बनाने में अहम भूमिका निभाई है।
चौहान ने भारत की जीत को चिरस्थाई रखने के लिए भोपाल में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम बनाने की घोषणा की। ज्ञात हो कि मध्य प्रदेश के इंदौर और ग्वालियर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम हैं लेकिन राजधानी भोपाल को हमेशा इसकी कमी खलती रही है।
Date: 31-03-2011 Time: 16:00:10
मप्र में 118 लोगों के जाति प्रमाणपत्र फर्जी
मप्र में 118 लोगों के जाति प्रमाणपत्र फर्जी
मप्र में 118 लोगों के जाति प्रमाणपत्र फर्जी
भोपाल, 29 मार्च 2011। मध्य प्रदेश में 118 लोगों के जाति प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए हैं। अनुसूचित जाति, जनजाति प्रमाणपत्र छानबीन समिति ने इन सभी के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की है।
विधानसभा में विधायक प्रेम नारायण ठाकुर द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए आदिम जाति कल्याण मंत्री विजय शाह ने बताया है कि सितम्बर 1997 में जाति प्रमाणपत्र छानबीन समिति का गठन किया गया था। यह समिति फर्जी प्रमाणपत्रों की जांच कर कार्रवाई के लिए जिलाधिकारियों को अनुशंसा भेजती है।
उन्होंने बताया कि छानबीन समिति के पास अनुसूचित जाति के 270 और अनुसूचित जनजाति के 339 मामले विचाराधीन हैं। इनमें से अनुसूचित जाति के 74 तथा अनुसूचित जनजाति के 44 लोगों के जाति प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए हैं। इन सभी के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की गई है।
शाह ने बताया कि यह जरूरी नहीं है कि फर्जी प्रमाणपत्र धारी केवल शासकीय कर्मचारी या अधिकारी ही हों, इनमें कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं।
मप्र में 118 लोगों के जाति प्रमाणपत्र फर्जी
भोपाल, 29 मार्च 2011। मध्य प्रदेश में 118 लोगों के जाति प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए हैं। अनुसूचित जाति, जनजाति प्रमाणपत्र छानबीन समिति ने इन सभी के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की है।
विधानसभा में विधायक प्रेम नारायण ठाकुर द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए आदिम जाति कल्याण मंत्री विजय शाह ने बताया है कि सितम्बर 1997 में जाति प्रमाणपत्र छानबीन समिति का गठन किया गया था। यह समिति फर्जी प्रमाणपत्रों की जांच कर कार्रवाई के लिए जिलाधिकारियों को अनुशंसा भेजती है।
उन्होंने बताया कि छानबीन समिति के पास अनुसूचित जाति के 270 और अनुसूचित जनजाति के 339 मामले विचाराधीन हैं। इनमें से अनुसूचित जाति के 74 तथा अनुसूचित जनजाति के 44 लोगों के जाति प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए हैं। इन सभी के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की गई है।
शाह ने बताया कि यह जरूरी नहीं है कि फर्जी प्रमाणपत्र धारी केवल शासकीय कर्मचारी या अधिकारी ही हों, इनमें कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं।
सूचना प्रौद्योगिकी से सरकारी खजाने के 20 करोड़ रुपये बचे
सूचना प्रौद्योगिकी से सरकारी खजाने के 20 करोड़ रुपये बचे
सूचना प्रौद्योगिकी से सरकारी खजाने के 20 करोड़ रुपये बचे
भोपाल, 28 मार्च 2011। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले ने मितव्ययता की मिसाल पेश की है। इस जिले में विभिन्न विभागों की विविध योजनाओं को अमली जामा पहनाने के लिए जमीनी स्तर पर काम करने वाले लोगों से सीधे सम्पर्क स्थापित करने के लिए विकास खंड स्तर पर वीडियो कांफ्रेंसिंग का इस्तेमाल कर एक वर्ष में 20 करोड़ रुपये की बचत की गई है।
जिले में सरकारी योजनाओं की समीक्षा के लिए प्रति सप्ताह बैठकों का दौर चलता है, इन बैठकों में हिस्सा लेने के लिए जमीनी स्तर पर काम करने वालों के शामिल होने में उनके समय के साथ-साथ पैसा भी खर्च होता था। इसे रोकने में वीडियो कांफ्रेंसिग मददगार साबित हुई है। विकास खंड स्तर पर भारत संचार निगम, राष्ट्रीय सूचना केंद्र तथा मध्य प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक कार्पोरेशन की मदद से वीडियो कांफ्रेंसिंग का सहारा लिया गया।
जिला मुख्यालय में मुख्य स्टूडियो बनाया गया है जबकि चार विकास खंडों अनूपपुर, कोतमा, जैतहरी तथा पुष्पराजगढ़ में वीडियो कांफ्रेंसिंग कक्ष बनाए गए हैं।
इस व्यवस्था से लगभग 20 हजार अधिकारियों व कर्मचारियों से सम्पर्क किया गया। इससे समय और पैसे की बचत हुई। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सर्व शिक्षा अभियान, स्कूल चलें हम योजनाओं व स्वास्थ्य, पंचायत, पशुपालन, कृषि सहित अन्य विभागों के कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया गया। प्रदेश के मुख्यसचिव अवनि वैश्य ने अनूपपुर के जिलाधिकारी रवींद्र कियावत के इन प्रयासों की सराहना की है।
जिला प्रशासन की ओर से दावा किया गया है कि इस व्यवस्था को लागू करने से गत वर्ष में लगभग 20 करोड़ रुपये की बचत हुई।
Date: 28-03-2011 Time: 16:19:23
सूचना प्रौद्योगिकी से सरकारी खजाने के 20 करोड़ रुपये बचे
भोपाल, 28 मार्च 2011। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले ने मितव्ययता की मिसाल पेश की है। इस जिले में विभिन्न विभागों की विविध योजनाओं को अमली जामा पहनाने के लिए जमीनी स्तर पर काम करने वाले लोगों से सीधे सम्पर्क स्थापित करने के लिए विकास खंड स्तर पर वीडियो कांफ्रेंसिंग का इस्तेमाल कर एक वर्ष में 20 करोड़ रुपये की बचत की गई है।
जिले में सरकारी योजनाओं की समीक्षा के लिए प्रति सप्ताह बैठकों का दौर चलता है, इन बैठकों में हिस्सा लेने के लिए जमीनी स्तर पर काम करने वालों के शामिल होने में उनके समय के साथ-साथ पैसा भी खर्च होता था। इसे रोकने में वीडियो कांफ्रेंसिग मददगार साबित हुई है। विकास खंड स्तर पर भारत संचार निगम, राष्ट्रीय सूचना केंद्र तथा मध्य प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक कार्पोरेशन की मदद से वीडियो कांफ्रेंसिंग का सहारा लिया गया।
जिला मुख्यालय में मुख्य स्टूडियो बनाया गया है जबकि चार विकास खंडों अनूपपुर, कोतमा, जैतहरी तथा पुष्पराजगढ़ में वीडियो कांफ्रेंसिंग कक्ष बनाए गए हैं।
इस व्यवस्था से लगभग 20 हजार अधिकारियों व कर्मचारियों से सम्पर्क किया गया। इससे समय और पैसे की बचत हुई। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सर्व शिक्षा अभियान, स्कूल चलें हम योजनाओं व स्वास्थ्य, पंचायत, पशुपालन, कृषि सहित अन्य विभागों के कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया गया। प्रदेश के मुख्यसचिव अवनि वैश्य ने अनूपपुर के जिलाधिकारी रवींद्र कियावत के इन प्रयासों की सराहना की है।
जिला प्रशासन की ओर से दावा किया गया है कि इस व्यवस्था को लागू करने से गत वर्ष में लगभग 20 करोड़ रुपये की बचत हुई।
Date: 28-03-2011 Time: 16:19:23
सड़क पर प्रसव की मजिस्ट्रेट जांच होगी
सड़क पर प्रसव की मजिस्ट्रेट जांच होगी
भोपाल, 29 मार्च 2011। मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित अन्य विशिष्टजनों के निकल रहे काफिले की सुरक्षा के मद्देनजर मार्ग पर आवागमन रोके जाने से एक युवती ने सड़क पर ही बच्चे को जन्म दे दिया। इस मामले की मुख्यमंत्री चौहान ने मजिस्ट्रेट जांच कराने के आदेश दिए हैं।
मालूम हो कि शनिवार को विदिशा में अंत्योदय मेले का आयोजन किया गया था। इस मेला में मुख्यमंत्री चौहान सहित लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज ने हिस्सा लिया था। विशिष्टजनों का काफिला नीमताल चौराहे से गुजर रहा था, तब पुलिस जवानों ने सड़क पर आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया। रोके गए वाहनों में गर्भवती कांशीबाई का ऑटो भी था। कांशीबाई रायसेन जिले के एक गांव से अपनी सास के साथ प्रसव कराने अस्पताल जा रही थी।
भोपाल, 29 मार्च 2011। मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित अन्य विशिष्टजनों के निकल रहे काफिले की सुरक्षा के मद्देनजर मार्ग पर आवागमन रोके जाने से एक युवती ने सड़क पर ही बच्चे को जन्म दे दिया। इस मामले की मुख्यमंत्री चौहान ने मजिस्ट्रेट जांच कराने के आदेश दिए हैं।
मालूम हो कि शनिवार को विदिशा में अंत्योदय मेले का आयोजन किया गया था। इस मेला में मुख्यमंत्री चौहान सहित लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज ने हिस्सा लिया था। विशिष्टजनों का काफिला नीमताल चौराहे से गुजर रहा था, तब पुलिस जवानों ने सड़क पर आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया। रोके गए वाहनों में गर्भवती कांशीबाई का ऑटो भी था। कांशीबाई रायसेन जिले के एक गांव से अपनी सास के साथ प्रसव कराने अस्पताल जा रही थी।
अंडे का ठेला लगाने वाले 14 वर्षीय शाहबाज ने तोड़ा वर्ल्ड रिकॉर्ड
अंडे का ठेला लगाने वाले 14 वर्षीय शाहबाज ने तोड़ा वर्ल्ड रिकॉर्ड
अंडे का ठेला लगाने वाले 14 वर्षीय शाहबाज ने तोड़ा वर्ल्ड रिकॉर्ड
भोपाल 26 मार्च 2011। प्रतिभा उम्र और साधन की मोहताज नहीं होती। यह बात भोपाल रंगमहल टॉकीज पर अंडे का ठेला लगाने वाले 14 वर्षीय शाहबाज खान पर सटीक बैठती है।
भोपाल के शाहबाज ने ऑमलेट को फ्लिप करने के वर्ल्ड रिकॉर्ड को तोड़ते हुए नया कीर्तिमान बनाते हुए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करा दिया।
शाहबाज ने मुंबई में प्रीटी जिंटा और गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड की टीम के सामने इस कला का प्रदर्शन किया। शाहबाज ने एक मिनट में 60 बार फ्लिप करने के यूके के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए 103 बार आमलेट फ्लिप किया।
अंडे का ठेला लगाने वाले 14 वर्षीय शाहबाज ने तोड़ा वर्ल्ड रिकॉर्ड
भोपाल 26 मार्च 2011। प्रतिभा उम्र और साधन की मोहताज नहीं होती। यह बात भोपाल रंगमहल टॉकीज पर अंडे का ठेला लगाने वाले 14 वर्षीय शाहबाज खान पर सटीक बैठती है।
भोपाल के शाहबाज ने ऑमलेट को फ्लिप करने के वर्ल्ड रिकॉर्ड को तोड़ते हुए नया कीर्तिमान बनाते हुए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करा दिया।
शाहबाज ने मुंबई में प्रीटी जिंटा और गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड की टीम के सामने इस कला का प्रदर्शन किया। शाहबाज ने एक मिनट में 60 बार फ्लिप करने के यूके के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए 103 बार आमलेट फ्लिप किया।
Saturday, March 26, 2011
भोपाल के प्रतिष्ठित कालेज में छात्राओं द्वारा अश्लीलता का खुला प्रदर्श्रन
youtube link:
http://www.youtube.com/watch?v=gJVA8W_DzNo&oref=http%3A%2F%2Fwww.youtube.com%2Fresults%3Fsearch_query%3Dbansal%2Bcollege%2Bbhopal%26aq%3D0&has_verified=1
http://www.youtube.com/watch?v=gJVA8W_DzNo&oref=http%3A%2F%2Fwww.youtube.com%2Fresults%3Fsearch_query%3Dbansal%2Bcollege%2Bbhopal%26aq%3D0&has_verified=1
भोपाल के प्रतिष्ठित कालेज में छात्राओं द्वारा अश्लीलता का खुला प्रदर्श्रन
भोपाल के प्रतिष्ठित कालेज में छात्राओं द्वारा अश्लीलता का खुला प्रदर्श्रन
राजेन्द्र कश्यप भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में हाई सेक्स प्रोफाईल रेकेट आने के बाद राज्य शासन, पुलिस और सायबर सेले सर्तक हो गया है। सेंकड़ों कालेज और गर्ल्स होस्टल खुल गये हैं। जिनमें देश के उन्य प्रान्तों के छात्र-छात्राएं हजारों की संख्या में भोपाल के कालेजों में पढ़ रहे हैं।
शासकीय रिपोर्ट के अनुसार भोपाल के अपराधों की संख्या बढ़ती जा रही है। युवा वर्ग में स्वच्छन्दता भी बढ़ रही है। माता-पिता के नियन्त्रण से दूर रहकर कुछ युवतियां स्वच्छन्द व अश्लीलता का आचरण कर रही हैं, जो एक दिन उनके लिये नुकसान का कारण बन सकता है।
इसी कड़ी में भोपाल की छात्राओं का एक अश्लील वीडियों भी लोकप्रिय हो रहा है, यूटीयूब पर इस वीडियों को अभी तक 15 हजार से अधिक लोग इसे देख चुके है। इस वीडियों में भोपाल के प्रतिष्ठित कालेज की कुछ लड़कियों ने आपस में ही एक वीडियो में अश्लील हरकते करते हुए शूट कराया ओर ‘‘यू टृयूब’’ पर अकाउंट, पर डाल दिया, किस ने यह वीडियों अपलोड़ किया ? कौन से कालेज की छात्राऐं और कौन है यह छात्राऐं ? किस ने किया यह साईबर अपराध ? कौन बताऐगा ? क्या इन सवालों को टालते रहना सही है और इसे सामान्य बात कहना सही है क्या यहा साईबर अपराध नहीं हुआ ? इस तरह अश्लील हरकतों से समाज पर प्रभाव अच्छा नहीं पड़ता और माता-पिता का चिन्तित होना स्वाभाविक है।
‘‘प्रतिवाद’’ इस प्रदेश की एक प्रतिष्ठित वेबसाईट है। स्वच्छ विचार, स्वच्छ पत्रकारिता ओर निर्भयता पूर्वक सामाजिक साकारों से संबंध रखते हुए अपने पवित्र लक्ष्य की ओर अग्रसर हो रही है। युवा वर्ग में उज्जवल भविष्य में अश्लीलता एक अभिशाप है, जो कि प्रगति में रोड़ा है। यह विडियो दिखाने का उद्देश्य जागरूक होतो और सर्तक होने की चेतावनी देना मात्र है।
राजेन्द्र कश्यप संपर्कः 9753041701
youtube link:
http://www.youtube.com/watch?v=gJVA8W_DzNo&oref=http%3A%2F%2Fwww.youtube.com%2Fresults%3Fsearch_query%3Dbansal%2Bcollege%2Bbhopal%26aq%3D0&has_verified=1
राजेन्द्र कश्यप भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में हाई सेक्स प्रोफाईल रेकेट आने के बाद राज्य शासन, पुलिस और सायबर सेले सर्तक हो गया है। सेंकड़ों कालेज और गर्ल्स होस्टल खुल गये हैं। जिनमें देश के उन्य प्रान्तों के छात्र-छात्राएं हजारों की संख्या में भोपाल के कालेजों में पढ़ रहे हैं।
शासकीय रिपोर्ट के अनुसार भोपाल के अपराधों की संख्या बढ़ती जा रही है। युवा वर्ग में स्वच्छन्दता भी बढ़ रही है। माता-पिता के नियन्त्रण से दूर रहकर कुछ युवतियां स्वच्छन्द व अश्लीलता का आचरण कर रही हैं, जो एक दिन उनके लिये नुकसान का कारण बन सकता है।
इसी कड़ी में भोपाल की छात्राओं का एक अश्लील वीडियों भी लोकप्रिय हो रहा है, यूटीयूब पर इस वीडियों को अभी तक 15 हजार से अधिक लोग इसे देख चुके है। इस वीडियों में भोपाल के प्रतिष्ठित कालेज की कुछ लड़कियों ने आपस में ही एक वीडियो में अश्लील हरकते करते हुए शूट कराया ओर ‘‘यू टृयूब’’ पर अकाउंट, पर डाल दिया, किस ने यह वीडियों अपलोड़ किया ? कौन से कालेज की छात्राऐं और कौन है यह छात्राऐं ? किस ने किया यह साईबर अपराध ? कौन बताऐगा ? क्या इन सवालों को टालते रहना सही है और इसे सामान्य बात कहना सही है क्या यहा साईबर अपराध नहीं हुआ ? इस तरह अश्लील हरकतों से समाज पर प्रभाव अच्छा नहीं पड़ता और माता-पिता का चिन्तित होना स्वाभाविक है।
‘‘प्रतिवाद’’ इस प्रदेश की एक प्रतिष्ठित वेबसाईट है। स्वच्छ विचार, स्वच्छ पत्रकारिता ओर निर्भयता पूर्वक सामाजिक साकारों से संबंध रखते हुए अपने पवित्र लक्ष्य की ओर अग्रसर हो रही है। युवा वर्ग में उज्जवल भविष्य में अश्लीलता एक अभिशाप है, जो कि प्रगति में रोड़ा है। यह विडियो दिखाने का उद्देश्य जागरूक होतो और सर्तक होने की चेतावनी देना मात्र है।
राजेन्द्र कश्यप संपर्कः 9753041701
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http://www.youtube.com/watch?v=gJVA8W_DzNo&oref=http%3A%2F%2Fwww.youtube.com%2Fresults%3Fsearch_query%3Dbansal%2Bcollege%2Bbhopal%26aq%3D0&has_verified=1
Sunday, March 20, 2011
मीडिय़ा कर्मी भी मनायेंगे सूखी होली
मीडिय़ा कर्मी भी मनायेंगे सूखी होली
भोपाल 20 मार्च 2011। भोपाल की राजधानी के प्रिन्ट भी उच्च तथा इलेक्ट्रानिक मीडियां से जुडे मीडियां कर्मियों की तिलक होली के आयोजन की जोरदार तैयार प्रारंभ हुई।
आज तैयारी समिति की बैठक का आयोजन किया गया जिसमें विशेष रूप से वरिष्ठ पत्रकार भी उपस्थिति भी उल्लेखनीय रही। आयोजन आगामी 23 मार्च को शाम 6 बजे होगा जिसमें सभी पत्रकार और जनसम्पर्क से जुड़ी है बुध्दिजीवी और राजधानी की सम्मानित विभूतियों को आमंत्रित किया जा रहा है ।
आयोजन की पंच लाईन 'हंसी ठिठौली भाईचारा है जहां एक दूसरे के गले मिलकर लोग रंगपर्व के अवसर पर आपस में गले लगेगे।
कार्यक्रम आयोजन समिति में रामगोपाल शर्मा सतीश सक्सेना, राधेश्याम अग्रवाल अख्तर अली, मो.परवेज, विनोद शुक्ला, अमरान खान, अशोक मालवीय, मुईन उधीन, राधेश्याम सोमानी, जवाहर सिंह, संजय प्रकाश शर्मा, प्रेमनारायण प्रेमी, दिनेश राठौर,,सलीम खादीवाला, दिनेश सेगर,, राघेश्याम अग्रवाल शामिल किये गये हैं। यह आयोजन अखिल भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ यानी आईएफडब्ल्युजे की मध्यप्रदेश इकाई द्वारा किया जा रहा है। आयोजन में सभी पत्रकार संगठनों के सदस्यों को सहर्ष आने का आव्हान किया गया है।
भोपाल 20 मार्च 2011। भोपाल की राजधानी के प्रिन्ट भी उच्च तथा इलेक्ट्रानिक मीडियां से जुडे मीडियां कर्मियों की तिलक होली के आयोजन की जोरदार तैयार प्रारंभ हुई।
आज तैयारी समिति की बैठक का आयोजन किया गया जिसमें विशेष रूप से वरिष्ठ पत्रकार भी उपस्थिति भी उल्लेखनीय रही। आयोजन आगामी 23 मार्च को शाम 6 बजे होगा जिसमें सभी पत्रकार और जनसम्पर्क से जुड़ी है बुध्दिजीवी और राजधानी की सम्मानित विभूतियों को आमंत्रित किया जा रहा है ।
आयोजन की पंच लाईन 'हंसी ठिठौली भाईचारा है जहां एक दूसरे के गले मिलकर लोग रंगपर्व के अवसर पर आपस में गले लगेगे।
कार्यक्रम आयोजन समिति में रामगोपाल शर्मा सतीश सक्सेना, राधेश्याम अग्रवाल अख्तर अली, मो.परवेज, विनोद शुक्ला, अमरान खान, अशोक मालवीय, मुईन उधीन, राधेश्याम सोमानी, जवाहर सिंह, संजय प्रकाश शर्मा, प्रेमनारायण प्रेमी, दिनेश राठौर,,सलीम खादीवाला, दिनेश सेगर,, राघेश्याम अग्रवाल शामिल किये गये हैं। यह आयोजन अखिल भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ यानी आईएफडब्ल्युजे की मध्यप्रदेश इकाई द्वारा किया जा रहा है। आयोजन में सभी पत्रकार संगठनों के सदस्यों को सहर्ष आने का आव्हान किया गया है।
चोरों का अड्डा बना भोपाल स्टेशन

भोपाल। राजधानी का मुख्य रेलवे स्टेशन चोरों का अड्ïडा बन गया है। नजर हटते ही चोर यहां से यात्रियों का माल उड़ा देते हैं। खास बात यह है कि रेलवे स्टेशन पर जीआरपी पुलिस की तैनाती 24 घंटे रहती है। इसके बावजूद यात्रियों के सामान की चोरी और छीनकर भागने की वारदातें लगातार हो रही है। जीआरपी पुलिस की सुस्ती का अंदाजा इससे लग सकता है कि पूछताछ खिड़की से नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेता मेधा पाटकर का पर्स चोरी चला गया। जबकि इसकी जानकारी जीआरपी टीआई राजेंद्र रघुवंशी को नहीं थी। ये सब उस दिन हुआ जब रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष भोपाल में थे। बीते पांच सालों में जीआरपी की हद में चोरी, लूट और जहरखुरानी जैसी वारदातों में यात्रियों का करीब पांच करोड़ रुपए का माल चला गया। वहीं संपत्ति की रिकवरी औसतन मात्र 20 प्रतिशत होती है।
यह चोरों के स्थान
टिकट विंडों, पूछताछ खिड़की, रिटायरनिंग रूम, ट्रेन के सेकंड और थर्ड एसी कोच, आराम के लिए लगाई गईं कुर्सियों, भीड़ भाड़ वाले स्थान पर चोर सक्रिय रहते हैं। वे नजर रखकर माल पर हाथ साफ कर देते हैं। सूत्रों की मानें तो जीआरपी पुलिस चोरों को पहचानती है, लेकिन कार्रवाई नहीं करती है।
पुलिस की तैनाती
रेलवे स्टेशन के एक प्लेटफार्म पर एक एसआई और एक एएसआई की तैनाती होती है। इस प्रकार पांचों प्लेटफार्म पर जीआरपी के कुल एक दर्जन बल की तैनाती होती है। वहीं आरपीएफ के दो शिफ्टों में करीब दस से अधिक जवान होते हैं।
अब ई टिकट एजेंट नहीं बना पाएंगेतत्काल टिकट
भोपाल। ई टिकट एजेंट अब सुबह आठ से नौ बजे के बीच तत्काल कोटे का टिकट नहीं बना पाएंगे। अगर ऐसा करते पाए गए, तो उन सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसा ऑन लाइन शपथ पत्र ई टिकट एजेंटों को भरना पड़ रहा है। दरअसल 30 मार्च को सैकड़ों शिकायतों के चलते देशभर के एजेंटों की आईडी सस्पेंड कर दी गई थी। जिसके चलते लोगों के टिकट नहीं बन रहे थे।
हाल ही में दिल्ली में हुई आपात बैठक में इंडियन रेलवे केटरिंग एवं टूरिज्म कार्पोरेशन ने शपथ पत्र भरवाकर एजेंटों की आईडी चालू कर दी है। वहीं गलत टिकट बनाने की जांच होने पर राजधानी के करीब 30 से 35 ई टिकट एजेंटों को ब्लैक लिस्टेड कर दिया है। भोपाल में करीब 300 से 400 ई टिकट एजेंट कार्यरत है।
अनवांटेड-72 व एनपी टिल पर लगा प्रतिबंध

भोपाल। गर्भपात के लिए उपयोग में लाई जाने वाली दो दवाओं एनपी-टिल व अनवांटेड -72 को प्रतिबंधित कर दिया है। इन दवाओं से अधिक ब्लीडिंग होना व स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होना बताया गया है। यह प्रतिबंध कलेक्टर निकुंज कुमार श्रीवास्तव ने शुक्रवार को प्रसव पूर्व निदान सलाहकार समिति की बैठक में लगाया। साथ ही उन्होंने गर्भपात कराने वाली दवा मेडिकल स्टोर संचालक द्वारा आम नागरिकों को बिना अधिकृत डॉक्टर के पर्चे के उपलब्ध न कराने तथा बेचते हुए पाए जाने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभागृह में सुबह 11 बजे आयोजित इस बैठक में कलेक्टर श्री श्रीवास्तव ने समिति अधिकारियों से गर्भपात की दवाओं के साधारणत: बिकने पर तत्काल रोक लगाने को कहा। उन्होंने जिले में संचालित सोनोग्राफी केंद्रों का पीएनडीटी सलाहकार समिति द्वारा आकस्मिक निरीक्षण करने, रिकार्ड में कमी पाने पर कारण बताओंनोटिस देने व लिंग परीक्षण की शिकायत मिलने पर उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। बैठक में सीएमएचओ पंकज शुक्ल, अधीक्षक जेपी अस्पताल डॉ वीणा सिन्हा, डॉ हजेला, डॉ लूनावत आदि शामिल थे।
चलित सोनोग्राफी सेंटर का आवेदन किया अमान्य
बैठक में पीएनडीटी एक्ट के तहत पांच सोनोग्राफी सेंटर्स का पंजीयन व पांच केंद्रों का नवीनीकरण किया गया। नए सोनोग्राफी सेंटरों के लिए स्वस्तिक हास्पिटल पटेल नगर, सुभि डायग्नोस्टिक, ओम हास्पिटल एण्ड रिसर्च सेंटर, नवजीवन डायग्नोस्टिक सेंटर अरविंद विहार, समयक अल्ट्रासाउड क्लिनिक गोविंदगार्डन का पंजीयन किया गया है। वहीं आरके स्कैन सेंटर इंद्रपुरी द्वारा चलित प्रयोगशाला की अनुमति का आवेदन अमान्य कर दिया गया है।
होली के हुड़दंग में नॉर्थ-ईस्ट की लड़की से छेड़खानी

॥ नई दिल्ली 2omarch2011
होली के मद्देनजर पुलिस की सख्ती और रंगीन पानी से भरे गुब्बारे फेंकने पर पाबंदी लगाने के बावजूद हुड़दंग मचानेवाले बाज नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला साउथ दिल्ली के कोटला मुबारकपुर इलाके का है। यहां होली के नाम पर नॉर्थ ईस्ट की एक लड़की से छेड़खानी और बदसलूकी का मामला सामने आया है। लड़की की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज करके आरोपी को धर दबोचा है। आरोपी नाबालिग है और स्कूल में पढ़ता है। हालांकि लड़की ने अपनी शिकायत में एक से ज्यादा लड़कों का जिक्र किया था , लेकिन पुलिस का कहना है कि लड़की से बदसलूकी सिर्फ नाबालिग लड़के ने ही की थी।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक , कोटला मुबारकपुर के वजीर नगर इलाके में रहने वाली 25-26 साल की एक मणिपुरी युवती प्राइवेट कंपनी में जॉब करती है। रात 8:30 बजे के करीब जब वह ऑफिस से घर लौट रही थी , तभी रास्ते में किसी ने उस पर रंगीन पानी से भरा गुब्बारा फेंक दिया। युवती ने जब इसका विरोध किया , तो गुब्बारे फेंकने वाला 16-17 साल का एक लड़का उससे बदसलूकी करने लगा। युवती ने उससे कहा कि वह पुलिस में शिकायत कर देगी। इसके बाद भी जब लड़का नहीं माना , तो युवती अपने मोबाइल से उसके फोटो खींचने लगी। यह देखकर लड़का युवती के नजदीक आया और उससे मोबाइल छीनने की कोशिश करने लगा। युवती का आरोप है कि उसी दौरान लड़के ने उसे एक थप्पड़ भी जड़ दिया।
घटना के बाद लड़का और उसके साथी मौके से फरार हो गए। रात 08:45 पर लड़की ने पुलिस कॉल की और जब पुलिस मौके पर पहुंची तो सारी घटना बताई। बाद में कोटला मुबारकपुर थाने में जाकर लड़की ने लिखित शिकायत दी , जिसके आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया। बाद में पुलिस ने आरोपी नाबालिग लड़के को भी धर दबोचा। पुलिस का कहना है कि उसके खिलाफ जूवनाइल जस्टिस ऐक्ट के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि गुरुवार को डीयू के नॉर्थ कैंपस में भी कुछ लड़कों ने डीयू की ही एक महिला टीचर के ऊपर बालकनी से रंगीन पानी भरा गुब्बारा फेंका था और टीचर के विरोध करने पर उनके साथ गाली गलौज और बदसलूकी की थी। बाद में टीचर की शिकायत पर मुखर्जी नगर थाने में केस दर्ज करके पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार भी किया था। वे सभी डीयू स्टूडेंट्स थे।
वरिष्ठ पत्रकार आलोक तोमर नहीं रहे
Mar 20, 06:03 pmबताएं
Twitter Delicious Facebook नई दिल्ली। वरिष्ठ पत्रकार आलोक तोमर का रविवार को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वह पचास वर्ष के थे।
दिल्ली के बत्रा अस्पताल में भर्ती तोमर का रविवार को सुबह ग्यारह बजकर दस मिनट पर निधन हो गया। वह गले के कैंसर से पीड़ित थे। उनके परिवार में पत्नी और एक बेटी है।
उनका पार्थिव शरीर चितरंजन पार्क स्थित आवास पर रखा गया है। उनका अंतिम संस्कार सोमवार को दस बजे लोदी रोड स्थित शवदाह गृह में किया जाएगा।
प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया से जुड़े तोमर ने अपराध और सामाजिक सरोकार के मुद्दों से जुड़ी पत्रकारिता में अपना विशेष स्थान बनाया।
मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में 1960 में जन्मे तोमर ने हिंदी पत्रकारिता में अपनी रिपोर्टिग के जरिए भाषा को नए तेवर दिए। उन्होंने वर्ष 1984 के सिख विरोधी दंगे की मानवीय रिपोर्टिग की। प्रिंट मीडिया से करियर की शुरूआत करने वाले तोमर जनसत्ता अखबार से बुलंदियों पर पहुंचे।
वह समाचार एजेंसी वार्ता, जनसत्ता अखबार और सीएनईबी समाचार चैनल से जुड़े थे। वेब पत्रकारिता के माध्यम से भी वह सामाजिक सरोकार के मुद्दों को उठाते रहे
Twitter Delicious Facebook नई दिल्ली। वरिष्ठ पत्रकार आलोक तोमर का रविवार को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वह पचास वर्ष के थे।
दिल्ली के बत्रा अस्पताल में भर्ती तोमर का रविवार को सुबह ग्यारह बजकर दस मिनट पर निधन हो गया। वह गले के कैंसर से पीड़ित थे। उनके परिवार में पत्नी और एक बेटी है।
उनका पार्थिव शरीर चितरंजन पार्क स्थित आवास पर रखा गया है। उनका अंतिम संस्कार सोमवार को दस बजे लोदी रोड स्थित शवदाह गृह में किया जाएगा।
प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया से जुड़े तोमर ने अपराध और सामाजिक सरोकार के मुद्दों से जुड़ी पत्रकारिता में अपना विशेष स्थान बनाया।
मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में 1960 में जन्मे तोमर ने हिंदी पत्रकारिता में अपनी रिपोर्टिग के जरिए भाषा को नए तेवर दिए। उन्होंने वर्ष 1984 के सिख विरोधी दंगे की मानवीय रिपोर्टिग की। प्रिंट मीडिया से करियर की शुरूआत करने वाले तोमर जनसत्ता अखबार से बुलंदियों पर पहुंचे।
वह समाचार एजेंसी वार्ता, जनसत्ता अखबार और सीएनईबी समाचार चैनल से जुड़े थे। वेब पत्रकारिता के माध्यम से भी वह सामाजिक सरोकार के मुद्दों को उठाते रहे
मेट्रो सर्वे के लिये 2 मार्च को इंदौर पहुँचेगा दल
मेट्रो सर्वे के लिये 2 मार्च को इंदौर पहुँचेगा दल
Bhopal: Saturday, March 19, 2011:
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इंदौर में मेट्रो रेल के प्री-फिजिबिलिटी सर्वे के लिये दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन का दो सदस्यीय दल 21 मार्च की शाम इंदौर पहुँचेगा। उक्त दल में डी एम आर.सी. के कार्यकारी निदेशक (सिविल) श्री एस.डी. शर्मा तथा श्री मुखोपाध्याय शामिल है। उक्त दल 22 तथा 23 मार्च को इंदौर में मेट्रो रेल के लिये प्री-फिजिबिलिटी सर्वे करने के पश्चात दिल्ली लौट जाएगा। नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री बाबूलाल गौर भी 23 मार्च को इंदौर पहुँच रहे हैं। वे उक्त अधिकारियों से प्री-फिजिबिलिटी सर्वे के संबंध में चर्चा करेंगे।
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Bhopal: Saturday, March 19, 2011:
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इंदौर में मेट्रो रेल के प्री-फिजिबिलिटी सर्वे के लिये दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन का दो सदस्यीय दल 21 मार्च की शाम इंदौर पहुँचेगा। उक्त दल में डी एम आर.सी. के कार्यकारी निदेशक (सिविल) श्री एस.डी. शर्मा तथा श्री मुखोपाध्याय शामिल है। उक्त दल 22 तथा 23 मार्च को इंदौर में मेट्रो रेल के लिये प्री-फिजिबिलिटी सर्वे करने के पश्चात दिल्ली लौट जाएगा। नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री बाबूलाल गौर भी 23 मार्च को इंदौर पहुँच रहे हैं। वे उक्त अधिकारियों से प्री-फिजिबिलिटी सर्वे के संबंध में चर्चा करेंगे।
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भगौरिया उत्सव देखकर भाव-विभोर हुए पर्यटक
भगौरिया उत्सव देखकर भाव-विभोर हुए पर्यटक
सैलानियों को रिझाने के लिये पर्यटन विकास निगम की अनूठी पहल
Bhopal: Saturday, March 19, 2011:
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मध्यप्रदेश के झाबुआ-अलीराजपुर क्षेत्र में भील-भिलाला जनजातियों के विश्वप्रसिद्ध भगौरिया उत्सव को देखकर देश भर से आये पर्यटक भाव-विभोर हो गये। विगत 12 से 18 मार्च तक आयोजित इस अद्भुत उत्सव को देखने के लिये मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम ने इन सैलानियों को विशेष रूप से बुलाया था। इन सैलानियों में मीडिया प्रतिनिधि, पत्रकार और ट्रेवल एजेंट भी शामिल थे। इनके लिये अलीराजपुर जिले के ग्राम उमरठ में एक आधुनिक सुविधाओं से युक्त विशाल कैम्प भी लगाया
गया था।
उल्लेखनीय है कि भगौरिया उत्सव मध्यप्रदेश के पश्चिमी निमाड़ क्षेत्र में तथा राजस्थान एवं गुजरात की सीमा से लगे गांव-देहातों में तीनों संस्कृतियों के रीति-रिवाज के समावेश के बीच आदिवासी भील, भिलाला जाति के युवक-युवतियों द्वारा होली से पूर्व उत्सव मनाया जाता है। झाबुआ एवं अलीराजपुर जिलों में हाट-बाजार के दिन समस्त ग्राम एवं कस्बों में यह उत्सव मनाया जाता है। इसमें मस्ती से ढोल, बाँसुरी बजाते हुए आदिवासी युवक-युवतियां पूरे उमंग-उल्लास में एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाते हैं। कहीं ये लोग देवी-देवताओं की पालकियां सिर पर उठाये थिरकते रहते हैं तो कहीं वे एक-दूसरे पर टेसू के फूलों से बना रंग फेंकते हैं।
भगौरिया उत्सव में देश के अतिथि आमंत्रित
भगौरिया उत्सव को जन-सामान्य एवं देश-विदेश में परिचित कराने एवं पर्यटकों को रिझाने के लिये मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन निगम द्वारा इस वर्ष भागीरथी प्रयास किया गया। इसमें पर्यटन निगम द्वारा एक सप्ताह तक चलने वाले भगौरिया उत्सव में देश के प्रमुख शहरों से पत्रकारों, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के रिपोर्टरों एवं ट्रेवल एजेंट्स को 20 से 25 के दो ग्रुपों में आमंत्रित किया। पहला ग्रुप पहले तीन रात चार दिन ठहरा और दूसरा ग्रुप अगले तीन रात चार दिन ठहरा। इनके लिये अलीराजपुर जिले में सोण्डवा ब्लॉक के ग्राम उमरठ में एक विशाल कैम्प लगाया गया, जिसमें अत्याधुनिक स्विस टेन्ट लगाकर ठहरने, खानपान एवं भ्रमण की व्यवस्था की गई।
प्रबंध निदेशक मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन निगम श्री हरिरंजन राव व्यवस्थाओं के सुचारु संचालन के लिये कैम्प के दौरान प्रथम दो दिन मौजूद रहे। पहले ग्रुप को एक दिन ग्राम छतकला, ब्लाक सोण्डवा ले जाकर भगौरिया हाट उत्सव से रूबरू कराया गया। कैम्प में भाग लेने वाले अतिथियों ने वहां मेले का भरपूर आनंद उठाया। अगले दिन उन्हें जिला धार की विश्वप्रसिद्ध बाघ गुफाएं एवं संग्रहालय का अवलोकन कराया गया। वहां के अप्रतिम सौंदर्य को देखकर सभी अतिथि भाव-विभोर हो उठे। इसी प्रकार दूसरे ग्रुप के अतिथियों को एक दिन बाघ गुफाएं और दूसरे दिन सोण्डवा का भगौरिया हाट बाजार दिखाया गया।
आदिवासी युवकों को प्रशिक्षण
कैम्प में कर्मचारियों के रूप में कार्य करने के लिये सोण्डवा ब्लॉक के अंतर्गत सेकड़ा गांव के आठ आदिवासी युवकों को एक माह तक मध्यप्रदेश पर्यटन निगम के झाबुआ स्थित होटल में प्रशिक्षण देकर कार्य पर रखा गया। इसे स्थानीय लोगों ने सराहा। इस पूरे आयोजन का मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा फिल्मांकन भी कराया गया, जिसे विभिन्न अवसरों पर देश-विदेश के लोगों को दिखाया जायेगा। इससे प्रदेश में पर्यटकों के आगमन में वृद्धि होगी।
सैलानियों को रिझाने के लिये पर्यटन विकास निगम की अनूठी पहल
Bhopal: Saturday, March 19, 2011:
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मध्यप्रदेश के झाबुआ-अलीराजपुर क्षेत्र में भील-भिलाला जनजातियों के विश्वप्रसिद्ध भगौरिया उत्सव को देखकर देश भर से आये पर्यटक भाव-विभोर हो गये। विगत 12 से 18 मार्च तक आयोजित इस अद्भुत उत्सव को देखने के लिये मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम ने इन सैलानियों को विशेष रूप से बुलाया था। इन सैलानियों में मीडिया प्रतिनिधि, पत्रकार और ट्रेवल एजेंट भी शामिल थे। इनके लिये अलीराजपुर जिले के ग्राम उमरठ में एक आधुनिक सुविधाओं से युक्त विशाल कैम्प भी लगाया
गया था।
उल्लेखनीय है कि भगौरिया उत्सव मध्यप्रदेश के पश्चिमी निमाड़ क्षेत्र में तथा राजस्थान एवं गुजरात की सीमा से लगे गांव-देहातों में तीनों संस्कृतियों के रीति-रिवाज के समावेश के बीच आदिवासी भील, भिलाला जाति के युवक-युवतियों द्वारा होली से पूर्व उत्सव मनाया जाता है। झाबुआ एवं अलीराजपुर जिलों में हाट-बाजार के दिन समस्त ग्राम एवं कस्बों में यह उत्सव मनाया जाता है। इसमें मस्ती से ढोल, बाँसुरी बजाते हुए आदिवासी युवक-युवतियां पूरे उमंग-उल्लास में एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाते हैं। कहीं ये लोग देवी-देवताओं की पालकियां सिर पर उठाये थिरकते रहते हैं तो कहीं वे एक-दूसरे पर टेसू के फूलों से बना रंग फेंकते हैं।
भगौरिया उत्सव में देश के अतिथि आमंत्रित
भगौरिया उत्सव को जन-सामान्य एवं देश-विदेश में परिचित कराने एवं पर्यटकों को रिझाने के लिये मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन निगम द्वारा इस वर्ष भागीरथी प्रयास किया गया। इसमें पर्यटन निगम द्वारा एक सप्ताह तक चलने वाले भगौरिया उत्सव में देश के प्रमुख शहरों से पत्रकारों, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के रिपोर्टरों एवं ट्रेवल एजेंट्स को 20 से 25 के दो ग्रुपों में आमंत्रित किया। पहला ग्रुप पहले तीन रात चार दिन ठहरा और दूसरा ग्रुप अगले तीन रात चार दिन ठहरा। इनके लिये अलीराजपुर जिले में सोण्डवा ब्लॉक के ग्राम उमरठ में एक विशाल कैम्प लगाया गया, जिसमें अत्याधुनिक स्विस टेन्ट लगाकर ठहरने, खानपान एवं भ्रमण की व्यवस्था की गई।
प्रबंध निदेशक मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन निगम श्री हरिरंजन राव व्यवस्थाओं के सुचारु संचालन के लिये कैम्प के दौरान प्रथम दो दिन मौजूद रहे। पहले ग्रुप को एक दिन ग्राम छतकला, ब्लाक सोण्डवा ले जाकर भगौरिया हाट उत्सव से रूबरू कराया गया। कैम्प में भाग लेने वाले अतिथियों ने वहां मेले का भरपूर आनंद उठाया। अगले दिन उन्हें जिला धार की विश्वप्रसिद्ध बाघ गुफाएं एवं संग्रहालय का अवलोकन कराया गया। वहां के अप्रतिम सौंदर्य को देखकर सभी अतिथि भाव-विभोर हो उठे। इसी प्रकार दूसरे ग्रुप के अतिथियों को एक दिन बाघ गुफाएं और दूसरे दिन सोण्डवा का भगौरिया हाट बाजार दिखाया गया।
आदिवासी युवकों को प्रशिक्षण
कैम्प में कर्मचारियों के रूप में कार्य करने के लिये सोण्डवा ब्लॉक के अंतर्गत सेकड़ा गांव के आठ आदिवासी युवकों को एक माह तक मध्यप्रदेश पर्यटन निगम के झाबुआ स्थित होटल में प्रशिक्षण देकर कार्य पर रखा गया। इसे स्थानीय लोगों ने सराहा। इस पूरे आयोजन का मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा फिल्मांकन भी कराया गया, जिसे विभिन्न अवसरों पर देश-विदेश के लोगों को दिखाया जायेगा। इससे प्रदेश में पर्यटकों के आगमन में वृद्धि होगी।
Friday, March 18, 2011
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