Wednesday, January 19, 2011

कहीं आपके कंप्यूटर में 'कामसूत्र' वायरस तो नहीं!


सैन फ्रांसिस्को। इंटरनेट एक्सेस करने वाले बेहद सावधान हो जायें क्योंकि उनके पास एक ऐसा वायरस पहुंच सकता है जो उनके कंप्यूटर के साथ-साथ उनके दिमाग का भी दिवाला निकाल सकता है। विश्व के जाने मानी हस्ती सोफोस कंप्यूटर सिक्युरिटी फर्म ने आगाह किया है कि हैकर्स पावरप्वाइंट फाइल की आड़ में यह कामसूत्र वायरस फैला रहे हैं। लोगों को यह पावरप्वाइंट प्रेजेंटेशन भेजकर कहा जाता है कि इसमें कामसूत्र से जुड़ी जानकारियां हैं।

सोफोस का कहना है कि हैकर्स ने प्राचीन भारतीय पुस्तक 'कामसूत्र' से कई तरह की सेक्सुअल पोजीशन को लेकर एक पावरप्वाइंट प्रेजेटेंशन की फाइल बनाई है और उसे कम्प्यूटर वायरस के रूप में फैलाया जा रहा है।


सोफोस से जुड़े ग्राह्म क्लूली ने एक ऑनलाइन पोस्ट में कहा कि अगली बार जब भी कम्प्यूटर खोलें तो सावधान हो जाएं। और अपने माउस को क्लिक करने से पहले देख लें कि आप कौन सी फाइल खोल रहे हैं। जब आप कामसूत्र वायरस वाली इस फाइल पर क्लिक करते हैं तो आपको रियल पॉवरप्वाइंट प्रेजेंटेशन दिखाई देगा लेकिन बैकग्राउंड में एक बैकडोर ट्रोजन वायरस (ट्रोज/बैकडोर-आरएफएम वायरस) इंस्टॉल हो जाएगा जो हैकर्स को आपके कम्प्यूटर को एक्सेस करने की अनुमति दे देता है।

सोफोस के मुताबिक जो फाइल आपको कंप्यूटर पर दिखायी जाती है वो बेहद ही अश्लील है, उस पर लिखा होता है कि क्लिक करें और जाने जिंदगी की सुनहरी सच्चाई। इसलिए मेरी लोगों से गुजारिश है कि वो जिंदगी की सुनहरी सच्चाई के चक्कर में अपना वर्तमान ना खो दें।

गाजियाबाद: चलती कार में हुआ नाबालिग के साथ गैंगरेप


गाजियाबाद। आजकल लगता है कि एनसीआर में कानून के नाम पर सिर्फ आम आदमी ही डरता है, ना तो अपराधियों को कानून से खौफ होता है और ना ही कानून के रखवाले इसकी कद्र करते हैं। गाजियाबाद के राजनगर इलाके में इस बात का जीता जागता सबूत देखने को मिला जहां 10 वीं की छात्रा के साथ सरेआम कार में गैंगरेप हुआ और लोग तमाशबीन बने रहे।

गाजियाबाद के राजनगर इलाके में 10वीं कक्षा की एक छात्रा को लिफ्ट देने के बहाने कार में बैठाने के बाद तीन युवकों ने उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया। तीनों छात्रा को मेरठ रोड पर छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने रविवार देर रात तीनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया। एक पुलिस अधिकारी ने सोमवार को कहा कि घटना बुधवार की है। छात्रा ट्यूशन पढ़ने के लिए जा रही थी तभी उसके जानने वाले एक युवक मोनू ने कार में लिफ्ट देने की बात कही। मोनू के साथ दो और युवक कार में सवार थे।


तीनों युवक छात्रा को मेरठ रोड पर छोड़कर फरार हो गए। इसके बाद छात्रा घर लौटी और परिजनों को हादसे के बारे में बताया। पुलिस के मुताबिक परिजन शुरू में प्राथमिकी दर्ज कराने से हिचक रहे थे। बाद में छात्रा की मां ने कविनगर थाने में मामला दर्ज करा ।पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस मामले में रविवार को मामला दर्ज किया गया।

सर्किल अधिकारी राजीव कुमार सिंह ने कहा कि चिकित्सकीय परीक्षण में छात्रा के साथ बलात्कार की पुष्टि हुई है और स्लाइड को आगे की जांच के लिए भेजा गया है। छात्रा को बयान दर्ज कराने के लिए अदालत में पेश किया जाएगा। फिल हाल तीनों दंरिदे पुलिस की गिरफ्त में हैं।

बांदा रेप केस: 'लड़की खून से लथपथ थी'


बांदा रेप केस: 'लड़की खून से लथपथ थी'बांदा। उत्तर प्रदेश के बांदा रेप केस के खुलासे के साथ ही मानो आततायी विधायक की कुत्सित हरकतों का भंडार ही खुल गया है। पीड़िता ने आरोप लगाए थे कि एक महीने जेल में बंद रहने के दैरान पुलिस ने कई बार उसकी पिटाई की और अमानवीय यातनाएं दीं। अब बांदा जेल की वार्डन ने भी विधायक पर आरोप लगाए हैं कि उसे बसपा विधायक के खिलाफ मुंह न खोलने की धमकी दी गई थी।

शहनाज ने मीडिया से कहा, "बलात्कार मामले की जांच कर रही सीबी-सीआईडी टीम को मैंने वही बताया जो सच था। मैंने उन्हें बताया कि जब जेल में लड़की को मुझे सौंपा गया तो वह खून से लथपथ थी और चोटों के कारण वह अपने पैरों पर खड़ी नहीं हो पा रही थी।" शहनाज ने कहा, "वरिष्ठ अधिकारी कह रहे हैं कि मुझे जेल की ड्यूटी से हटा दिया जाएगा। अगर मुझे न्याय नहीं मिला तो मैं आत्मदाह कर लूंगी।"

जेल की वार्डन शहनाज ने आरोप लगाया है कि सच बोलने पर जेल और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी उसे धमका रहे हैं। बसपा विधायक पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी के घर चोरी के आरोप में बलात्कार पीड़िता को इसी जेल में बंद किया गया था। राज्य के अपर पुलिस महानिदेशक वी.के. गुप्ता ने बताया कि कारागार वार्डन शहनाज बेगम के आरोप की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जांच की जिम्मेदारी कारागार महानिरीक्षक (आईजी) योगेश शुक्ल को सौंपी गई है।

इधर पीड़ित लड़की ने बांदा के पुलिस अधीक्षक अनिल दास समेत अन्य पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। लड़की के मुताबिक, पुलिस अधीक्षक ने जेल में उससे मिलकर बयान से मुकरने के लिए दबाव डाला था। इसके अलावा लड़की की मांग है कि उसे राज्य सरकार सुरक्षित ठिकाने के अलावा पांच लाख रुपये मुआवजा भी प्रदान करे। बांदा जनपद की अदालत में पीड़ित लड़की की उम्र के मामले पर सुनवाई सोमवार को भी नहीं हो सकी। इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा सभी दस्तावेज तलब कर लिए जाने के कारण स्थानीय अदालत ने इस मामले पर सुनवाई अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी।

विस्तारनिकाह में फिजूलखर्ची बर्दाश्त नहीं करेंगे


में फिजूलखर्ची बर्दाश्त नहीं करेंगे इमाम मंगलवार, मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में मुसलमानों के धर्मगुरू इमामों ने मुस्लिम शादियों में फिजूलखर्ची का जबर्दस्त विरोध किया है। शहर के इमामों ने ऐलान किला है कि जिन शादियों में फिजूलखर्ची होगी वहीं इमाम निकाह पढ़ाने से इंकार कर देंगे। इमामों का कहना है कि मुसलमानों को शादियों में डीजे बजाने, खड़े होकर भोजन करने और दहेज के सामान की नुमाइश करने से बाज आना चाहिए।

जनपद में सोमवार को हुई एक आम बैठक में मौजूद इमामों ने उन शादियों में निकाह नहीं पढ़ाने का फैसला लिया है, जिसमें इस्लाम के खिलाफ काम होते हों। इस मौके पर जमीयत उलेमा-ए-हिंद व मुत्तहिदा महाज के सभी सदस्य मौजूद थे। इमामों ने कहा कि इस्लाम धर्म के मुताबिक शादियों में किसी भी लड़की और लड़के वालों को दिखावा नहीं करना चाहिए। किसी भी शादी में खड़े होकर भोजन करना इस्लाम के मुताबिक हराम है। खड़े होकर खाना जानवरों का काम है, इंसानों का नहीं।

उन्होंने कहा कि लड़की वालों को दहेज की नुमाइश नहीं करनी चाहिए और न ही शादी में फिल्मी गानों पर नाचना या डीजे बजाना चाहिए, क्योंकि शरीयत के मुताबिक इस्लाम इनकी इजाजत नहीं देता। कहा गया कि ऐसी शादियों में जो इमाम निकाह पढ़ाएगा, वह इस्लाम का सच्चा वफादार नहीं माना जाएगा।जनवरी 20

केरल सहित तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश व कर्नाटक में शोक की लहर है


जैसा कि सभी को ज्ञात हो चुका है कि केरल के सुप्रसिद्ध सबरीमाला अय्यप्पा स्वामी मन्दिर की पहाड़ियों में भगदड़ से 100 से अधिक श्रद्धालुओं की मौत हुई है जबकि कई घायल हुए एवं अब भी कुछ लोग लापता हैं। इस दुर्घटना को प्रधानमंत्री ने “राष्ट्रीय शोक” घोषित किया, एवं कर्नाटक सरकार के दो मंत्रियों द्वारा अपने दल-बल के साथ घटनास्थल पर जाकर मदद-सहायता की। समूचे केरल सहित तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश व कर्नाटक में शोक की लहर है (मरने वालों में से अधिकतर तमिलनाडु व कर्नाटक के श्रद्धालु हैं)…


लेकिन इतना सब हो चुकने के बावजूद कांग्रेस के “युवा”(??) महासचिव एवं भारत के आगामी प्रधानमंत्री (जैसा कि चाटुकार कांग्रेसी उन्हें प्रचारित करते हैं), दुर्घटनास्थल से मात्र 70 किमी दूरी पर कुमाराकोम में केरल के बैकवाटर में एक बोट में पार्टी मना रहे थे। जिस समय “सेवा भारती” एवं “अय्यप्पा सेवा संगम” के कार्यकर्ता सारी राजनैतिक सीमाएं तोड़कर घायलों एवं मृतकों की सेवा में लगे थे, सेना के जवानों की मदद कर रहे थे, जंगल के अंधेरे को दूर करने के लिये अपने-अपने उपलब्ध साधन झोंक रहे थे… उस समय भोंदू युवराज कुमारकोम में मछली-परांठे व बाँसुरी की धुन का आनन्द उठा रहे थे।





यह भीषण भगदड़ शुक्रवार यानी मकर संक्रान्ति के दिन हुई, लेकिन राहुल बाबा ने शनिवार को इदुक्की जिले में न सिर्फ़ एक विवाह समारोह में भाग लिया, बल्कि रविवार तक वे कुमारकोम के रिसोर्ट में “रिलैक्स”(?) कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि राहुल गाँधी अलप्पुझा में अपने पारिवारिक मित्र अमिताभ दुबे के विवाह समारोह में आये थे (अमिताभ दुबे, राजीव गाँधी फ़ाउण्डेशन के ट्रस्टी बोर्ड के सदस्य व नेहरु परिवार के खासुलखास श्री सुमन दुबे के सुपुत्र हैं)। अमिताभ दुबे का विवाह अमूल्या गोपीकृष्णन के साथ 15 जनवरी (शनिवार) को हुआ, राहुल गाँधी 14 जनवरी (शुक्रवार) को ही वहाँ पहुँच गये थे।

पाठकों को याद होगा कि किस तरह 26/11 के मुम्बई हमले के ठीक अगले दिन, जबकि मेजर संदीप उन्नीकृष्णन की माँ की आँखों के आँसू सूखे भी नहीं थे… “राउल विंची”, दिल्ली के बाहरी इलाके में एक फ़ार्म हाउस में अपने दोस्तों के साथ पार्टी मनाने में मशगूल थे… उधर देश के जवान अपनी जान की बाजी लगा रहे थे और सैकड़ों जानें जा चुकी थीं। मुम्बई जाकर अस्पताल में घायलों का हालचाल जानना अथवा महाराष्ट्र की प्रिय कांग्रेस सरकार से जवाब-तलब करने की बजाय उन्होंने दिल्ली में पार्टी मनाना उचित समझा… (यहाँ देखें…)

केरल के कांग्रेसजनों ने राहुल की इस हरकत पर गहरा क्रोध जताया है, स्थानीय कांग्रेसजनों का कहना है कि जब मुख्यमंत्री अच्युतानन्दन एवं नेता प्रतिपक्ष ओम्मन चाण्डी घटनास्थल पर थे, तो मात्र 70 किमी दूर होकर भी राहुल गाँधी वहाँ क्यों नहीं आये? (परन्तु नेहरु परिवार की गुलामी के संस्कार मन में गहरे पैठे हैं इसलिये कोई भी खुलकर राहुल का विरोध नहीं कर रहा है)।

यदि शनिवार की सुबह राहुल गाँधी उस विवाह समारोह को छोड़कर राहत कार्यों का मुआयना करने चले जाते तो कौन सी आफ़त आ जाती? शादी अटेण्ड करना जरूरी था या दुर्घटना स्थल पर जाना? न सिर्फ़ शनिवार, बल्कि रविवार को भी राहुल बाबा, बोट पर पार्टी मनाते रहे, गज़लें सुनते रहे… उधर बेचारे श्रद्धालु कराह रहे थे, मर रहे थे। यह हैं हमारे भावी प्रधानमंत्री…

अन्ततः शायद खुद ही शर्म आई होगी या किसी सेकुलर कांग्रेसी ने उन्हें सुझाव दिया होगा कि केरल में चुनाव होने वाले हैं इसलिये उन्हें वहाँ जाना चाहिये, तब रविवार शाम को राहुल गाँधी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रमेश चेन्निथला के साथ घटनास्थल के लिये उड़े… लेकिन शायद भगवान अय्यप्पा स्वामी भी, राहुल की “नापाक उपस्थिति” उस जगह नहीं चाहते होंगे इसलिये घने कोहरे की वजह से हेलीकॉप्टर वहाँ उतर न सका, और युवराज बेरंग वापस लौट गये (ये बात और है कि उनके काफ़िले में भारत के करदाताओं की गाढ़ी कमाई की मजबूत गाड़ियाँ व NSG के कमाण्डो की भीड़ थी, वे चाहते तो सड़क मार्ग से भी वहाँ पहुँच सकते थे, लेकिन ऐसा कुछ करने के लिये वैसी “नीयत” भी तो होनी चाहिये…)।

मीडिया के कुछ लोग एवं कांग्रेस के ही कुछ कार्यकर्ता दबी ज़बान में कहते हैं कि रविवार शाम को भी कोहरे, धुंध व बारिश का तो बहाना ही था, असल में राहुल बाबा इसलिये वहाँ नहीं उतरे कि घटनास्थल से लगभग सभी लाशें उठाई जा चुकी थी… ऐसे में राहुल गाँधी वहाँ जाकर क्या करते… न तो मीडिया का फ़ुटेज मिलता और न ही राष्ट्रीय स्तर पर छवि चमकाने का मौका मिलता… इसलिये कोहरे और बारिश का बहाना बनाकर हेलीकॉप्टर वापस ले जाया गया… लेकिन जैसा कि पहले कहा, यदि “नीयत” होती और “दिल से चाहते” तो, सड़क मार्ग से भी जा सकते थे। जब वे नौटंकी करने के लिये किसी दलित की झोंपड़ी में जा सकते हैं, अपना सुरक्षा घेरा तोड़कर उड़ीसा के जंगलों में रहस्यमयी तरीके से गायब हो सकते हैं (यहाँ पढ़ें…), तो क्या शादी-ब्याह-पार्टी में से एक घण्टा घायलों को अस्पताल जाने के लिये नहीं निकाल सकते थे? और कौन सा उन्हें अपने पैरों पर चलकर जाना था, हमारे टैक्स के पैसों पर ही तो मस्ती कर रहे हैं…

कांग्रेस द्वारा “भाड़े पर लिये गये मीडिया” ने तब भी राहुल का गुणगान करना नहीं छोड़ा और इन भाण्डों द्वारा “राहुल की सादगी” के कसीदे काढ़े गये (“सादगी” यानी, उन्होंने इस यात्रा को निजी रखा और केरल की पुलिस को सूचना नहीं दी, न ही हमेशा की तरह “वीआईपी ट्रीटमेंट” लेते हुए रास्ते और ट्रेफ़िक को रोका…। इस सादगी पर बलिहारी जाऊँ…), कुछ “टट्टू” किस्म के अखबारों ने राहुल और प्रियंका द्वारा मार्च 2010 में उनके निजी स्टाफ़ के एक सदस्य के. माधवन की बेटी की शादी में आने को भी “सादगी” मानकर बखान किया… लेकिन किसी भी अखबार या चैनल ने “राउल विंची” द्वारा हिन्दू श्रद्धालुओं के प्रति बरती गई इस क्रूर हरकत को “हाइलाईट” नहीं होने दिया… वरना “ऊपर” से आने वाला पैसा बन्द हो जाता और कई मीडियाकर्मी भूखों मर जाते…। जिन संगठनों को “आतंकवादी” साबित करने के लिये यह गिरा हुआ मीडिया और ये मासूम राहुल बाबा, जी-जान से जुटे हुए हैं, उन्हीं के साथी संगठनों के कार्यकर्ता, रात के अंधेरे में सबरीमाला की पहाड़ियों पर घायलों की मदद कर रहे थे।

जैसी संवेदनहीनता और लापरवाही मुम्बई हमले एवं सबरीमाला दुर्घटना के दौरान “राउल विंची” ने दिखाई है… क्या इसे मात्र उनका “बचपना”(?) या “लापरवाही” कहकर खारिज किया जा सकता है? गलती एक बार हो सकती है, दो-दो बार नहीं। आखिर इसके पीछे कौन सी “मानसिकता” है…
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चलते-चलते : अब कुछ तथ्यों पर नज़र डाल लीजिये…

1) केरल सरकार को प्रतिवर्ष सबरीमाला यात्रा से 3000 करोड़ रुपए की आय होती है।

2) ट्रावणकोर देवस्वम बोर्ड द्वारा राज्य के कुल 1208 मन्दिरों पर साल भर में खर्च किये जाते हैं 80 लाख रुपये। (जी हाँ, एक करोड़ से भी कम)

3) एक माह की सबरीमाला यात्रा के दौरान सिर्फ़ गरीब-मध्यम वर्ग के लोगों द्वारा दिये गये छोटे-छोटे चढ़ावे की दानपेटी रकम ही होती है 131 करोड़…

(लेकिन हिन्दू मन्दिरों के ट्रस्टों और समितियों तथा करोड़ों रुपये पर कब्जा जमाये बैठी “सेकुलर गैंग” सबरीमाला की पहाड़ियों पर श्रद्धालुओं के लिये मूलभूत सुविधाएं – पानी, चिकित्सा, छाँव, पहाड़ियों पर पक्का रास्ता, इत्यादि भी नहीं जुटाती…)

- अरे हाँ… एक बात और, केन्द्रीय सूचना आयुक्त ने RTI के एक जवाब में बताया है कि राहुल गाँधी की सुरक्षा, परिवहन, यात्रा एवं ठहरने-भोजन इत्यादि के खर्च का कोई हिसाब लोकसभा सचिवालय द्वारा नहीं रखा जाता है… इसलिये इस बारे में किसी को नहीं बताया जा सकता…

जय हो… जय हो…

Cheerleaders

Tuesday, January 18, 2011

भोपाल में गुलाब प्रदर्शनी में पहुंचे लगभग 2000 गुलाब के गमले और लगभग 100 किस्मों के गुलाब।


भोपाल में गुलाब प्रदर्शनी में पहुंचे लगभग 2000 गुलाब के गमले और लगभग 100 किस्मों के गुलाब।

नृत्य ने मोहा मन, मानव संग्रहालय में चल रहे तीन दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों के तहत शनिवार को नृत्यों की प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया।


नृत्य ने मोहा मन, मानव संग्रहालय में चल रहे तीन दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों के तहत शनिवार को नृत्यों की प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया। संग्रहालय के वीथि संकुल भवन के अंतरंग सभागार में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत मप्र की गोंड जनजाति के नृत्य ‘करमा’ से हुई जिसमें शहनाई, मांदर, टिमकी, गुदूम, चटकोला ने प्रभावित किया। उड़ीसा से आए अभिन्न संदर गोटिपुआ नृत्य परिषद के कलाकारों ने गणेश वंदना, दशावतार और बंध नृत्य की प्रस्तुति दी। आंध्रप्रदेश के विजयनगरम जिले से आए कलाकारों ने पारंपरिक समूह नृत्य की प्रस्तुति से समां बांध दिया। इसमें एक व्यक्ति कमर में नगाड़ा बांधकर बजाता है, दूसरा शहनाई बजाता है और बाकी कलाकार तेजी से नृत्य करते हैं। उत्‌तराखंड के कलाकारों ने झुमेलो नृत्य, पंजाब ने गिद्दा, जिंदुआ और भांगड़ा की प्रस्तुति दी। पश्चिम बंगाल के कलाकारों ने घोड़ासुर और तारासुर वध नृत्य की प्रस्तुति दी।

आयकर विभाग के १५० साल पूरे होने पर कला प्रदर्शन



आयकर विभाग के १५० साल पूरे होने पर कला प्रदर्शन
राष्ट्र निर्माण में आयकर का क्या योगदान होता है, यह बात भोपाल के रवीन्द्र भवन प्रांगण और स्वराज भवन में लगी एक्जिबिशन में पेंटिंग्स और स्कल्पचर के जरिए बखूबी समझा जा सकता है। भारत में आयकर विभाग को 150 वर्ष पूरे होने पर विभाग की ओर से आयोजित चित्रकला एक्जिबिशन का। इस आर्ट एक्जिबिशन में प्रदेश और देशभर के वरिष्ठ और कनिष्ठ कलाकारों की कला के साथ मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के स्कूलों में आयोजित हुई।

भोपाल 17 जनवरी 2011। भोपाल की बड़ी झील में स्थित बुर्ज पर राजा भोज 7 टन की प्रतिमा स्थापित कर दी गई है।


भोपाल 17 जनवरी 2011। भोपाल की बड़ी झील में स्थित बुर्ज पर राजा भोज 7 टन की प्रतिमा स्थापित कर दी गई है।

विश्व प्रसिद्ध खजुराहो नृत्य समारोह 1 से 7 फरवरी 2011 तक होगा


विश्व प्रसिद्ध खजुराहो नृत्य समारोह 1 से 7 फरवरी 2011 तक होगा
भोपाल 18 जनवरी 2011। संस्कृति विभाग, मध्यप्रदेष शासन द्वारा विगत तीन दषकों से खजुराहो (जिला छतरपुर, मध्यप्रदेष) में आयोजित किया जाने वाला शास्त्रीय नृत्यों का विष्व प्रसिद्ध समारोह इस वर्ष दिनाँक 1 से 7 फरवरी, 2011 तक आयोजित किया जा रहा है। संस्कृति विभाग के लिए इस विषिष्ट समारोह का समन्वय उस्ताद अलाउद्दीन ख़ाँ संगीत एवं कला अकादमी द्वारा किया जाता है। पूर्व वर्षों के अनुसार इस वर्ष भी इस समारोह में भारतीय शास्त्रीय नृत्य परम्परा के बहु-आयामों को समावेषित करते हुए इस समारोह में देष की लगभग सभी प्रमुख नृत्य विधाओं की भागीदारी हो रही है। प्रतिदिन शाम 7 बजे से आयोजित इस नृत्य समारोह में भारत के अत्यंत ख्यातिप्राप्त कलाकार अपनी प्रस्तुतियाँ देंगें।
समारोह का शुभारम्भ 1 फरवरी 2011 को शाम 7 बजे खजुराहो के मन्दिर परिसर में सम्पन्न होगा। समारोह की पहली सभा में मुम्बई की सुविख्यात नृत्यांगना एवं फिल्म अभिनेत्री सुश्री हेमामालिनी ओडिसी नृत्य प्रस्तुत करेंगी। उनकी कलात्मक अभिव्यक्ति में उनका सहयोग उनकी सुपुत्रियां सुश्री ईषा देओल तथा सुश्री आहना देओल देंगीं।
2 फरवरी 2011 को कथक, भरतनाट्यम तथा मोहिनीअट्टम नृत्यों की तीन प्रस्तुतियां होंगीं। कार्यक्रम के प्रारम्भ में श्री अभिमन्यु लाल तथा विधा लाल कथक नृत्य प्रस्तुत करेंगे। आपने देष-विदेष में कथक नृत्य की अनेक प्रस्तुतियां दी हैं। सुश्री रमा वैद्यनाथन भरतनाट्यम प्रस्तुत करेंगीं। आप इस विधा की श्रेष्ठ व्याख्याकार एवं अदाकारा हैं। कार्यक्रम के अन्त में डॉ. सुश्री कनक रेले मोहिनीअट्टम की प्रस्तुति देंगीं। डॉ. रेले इस विधा की वर्तमान में पर्याय मानी जाती हैं। उन्होंने इस विधा को नई उंचाईयां प्रदान की हैं।3 फरवरी 2011 को भी नृत्य समारोह में शास्त्रीय नृत्य की तीन विधाओं की प्रस्तुति होगी। प्रथम प्रस्तुति के रूप में भुवनेष्वर की सुश्री लीना नन्दा ओडिसी नृत्य प्रस्तुत करेंगीं। सुश्री लीना महान गुरू स्व. केलुचरण महापात्र एव सुश्री कुमकुम मोहन्ती की षिष्या हैं। दूसरी प्रस्तुति कथक नृत्य की होगी। इसमें नृत्य जोडी यास्मीन सिंह एवं डॉ. आरती सिंह कथक प्रस्तुत करेंगीं। आपने कथक की षिक्षा पंडित बिरजू महाराज, पंडित रामलाल तथा पंडित अर्जून मिश्रा से प्राप्त की है। यास्मीन सिंह डॉ. आरती सिंह का साथ देंगीं। तीसरी प्रस्तुति सुश्री ज्योत्स्ना जगन्नाथन की होगी। आपने भरतनाट्यम की परम्परा से ओत-प्रोत विषुध्द नृत्य षैली विकसित की है।
4 फरवरी 2011 को समारोह के चौथे दिन तीन नृत्य प्रस्तुतियाँ होंगी। प्रथम प्रस्तुति में बंेगलुरू की सुश्री पद्मजा सुरेष भरतनाट्यम प्रस्तुत करेंगीं। आप भरतनाट्यम की प्रसिद्ध साधक एवं प्रषिक्षक प्रसिद्ध कलाकारों के परिवार- चाक्यार कूथू , के.के. राजन एवं कला मण्डलम वेंगीचेन से सम्बंध रखती हैं। सुश्री यामिनी रेड्डी कुचिपुडी एकल नृत्य प्रस्तुत करेंगंी। ? यामिनी एवं नृत्य एक-दूसरे के पर्याय हैं ? , यह विचार भारत-रत्न सुप्रसिद्ध पण्डित रविषंकर ने उनका नृत्य प्रदर्षन देखने के पश्चात् दिसम्बर, 2002 में व्यक्त किये थे। कार्यक्रम की तीसरी प्रस्तुति सुश्री मालती ष्याम की होगी। आप कथक समूह नृत्य प्रस्तुत करेंगी। पद्मविभषण पण्डित बिरजू महाराज एवं श्रीमती रेबा विद्यार्थी द्वारा तालीम प्राप्त सुश्री मालती श्याम की गणना लखनऊ घराने के अग्रिम पंक्ति के कलाकारों में की जाती है।
5 फरवरी 2011 को नृत्य समारोह का प्रारम्भ नई दिल्ली की युवा प्रतिभाषाली नृत्यांगना सुश्री धारिणी माथुर के भरतनाट्यम से होगी। आपने देष-विदेष में नृत्य की अनेक प्रस्तुतियां दी हैं। कार्यक्रम की दूसरी प्रस्तुति सुश्री षालू जिन्दल की होगी। आप कुचिपुडी नृत्य प्रस्तुत करेंगी। सुश्री जिन्दल पद्म भूषण राधा राजा रेड्डी की षिष्या हैं। वे अपनी विधा में अत्यंत दक्ष हैं। सुश्री महुआ षंकर कार्यक्रम के अन्त में कथक प्रस्तुत करेंगीं। आपको राष्ट्रपति भवन में डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के समक्ष नृत्य कला का प्रदर्षन करने का गौरव प्राप्त हुआ। पण्डित बिरजू महाराज के साथ अनेकानेक अवसरों पर आपने नृत्य प्रस्तुतियाँ भी दी हैं।
6 फरवरी 2011 को सभा की पहली प्रस्तुति श्री जयन्त कस्तुआर के कथक नृत्य की होगी। जयपुर घराने के प्रख्यात कथक गुरू दुर्गालाल के षिष्य जयन्त कस्तुआर ने कथक केन्द्र निदेषक के रूप में सेवायें दी हैं। दूसरी प्रस्तुति में सुश्री मेदिनी होम्बल तथा माला होम्बल द्वारा भरतनाट्यम् नृत्य प्रस्तुत किया जाएगा। आप विख्यात गुरू स्व. ष्षंकर होम्बल की षिष्या हैं। सभा के अंत में कलामण्डलम कुट्टन आसन एवं उनके सहयोगी कलाकारों द्वारा कथकली समूह नृत्य प्रस्तुत किया जावेगा। केरल कलामण्डलम के प्रमुख नृत्य कलाकार के रूप में व्यापक स्तर पर प्रस्तुतियाँ आपकी बड़ी उपलब्धियाँ रही हैं।
7 फरवरी 2011 को समारोह में तीन नृत्य विधाओं की प्रस्तुति होगी। प्रथम प्रस्तुति गुडगांव, हरियाना के श्री हरीष गंगानी की होगी जो कथक नृत्य प्रस्तुत करेंगे। खजुराहो नृत्य समारोह का समापन श्री पवित्र भट्ट के भरतनाट्यम् नृत्य से होगा। सूक्ष्मता एवं शालीनता आपकी नृत्य शैली की विषेषताएँ हैं।
खजुराहो नृत्य समारोह के टिकिट निम्नानुसार दरों में निर्धारित स्थलों पर उपलब्ध रहेंगे:-
सीजन टिकिट रुपये 600/-(सात दिनों हेतु), दैनिक टिकिट रुपये 100/-, 50/- तथा 20/- राशि के मध्यप्रदेष पर्यटन विकास निगम, रूम नं0 12, होटल जनपथ, भूतल, 82-84, नई दिल्ली (दूरभाष 011-23366528, 32599000) तथा खजुराहो में कलेक्टर कार्यालय, छतरपुर, मध्यप्रदेष (दूरभाष 07682-241500)। तथा खजुराहो में 1 फरवरी से 7 फरवरी तक दोपहर 2ः00 बजे से समारोह स्थल के मुख्य द्वारा पर टिकिट विक्रय केन्द्र में उपलब्ध रहेंगे। इसके साथ ही उपरोक्त सभी श्रेणी के टिकिट कार्यालय, उस्ताद अलाउद्दीन ख़ाँ संगीत एवं कला अकादमी, भोपाल (दूरभाष 0755-2767638/2553782) से प्राप्त किये जा सकते हैं।
समारोह से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी के लिये निदेषक, उस्ताद अलाउद्दीन ख़ाँ संगीत एवं कला अकादमी, रवीन्द्रनाथ ठाकुर मार्ग, भोपाल-462003 (दूरभाष-0755-2553782, 2767638) से कार्यालय में सम्पर्क किया जा सकता है।


Date: 18-01-2011 Time: 18:53:53

लव मैरिज में साल भर बाद धोखा!

बुलंदशहर : जिंदगी भर साथ निभाने का वादा करने वाले प्रेमी ने प्रेमिका से लव मैरिज तो की, लेकिन शादी के एक साल बाद ही पति का दिल पत्नी से भर गया और उसने बीवी का हाथ अपने दोस्तों के हाथ में थमा दिया। पत्नी के विरोध करने पर पति ने उसे मारपीट कर घर से भगा दिया। पत्नी ने पति पर रेप का आरोप लगाते हुए एसएसपी से इस मामले की शिकायत की है। प्रेमिका अब पछताते हुए कह रही है कि अगर वह पहले ही घर वालों की बात मान लेती तो आज ये दिन न देखने पड़ते।

नगर कोतवाली एरिया क्षेत्र में युवक विनोद ने दूसरे समुदाय की युवती शबाना (दोनों बदले हुए नाम) से एक साल पहले 17 फरवरी 2010 को शादी कर ली थी। युवती ने धर्म परिवर्तन करके प्रेमी के प्यार के चक्कर में पड़कर शादी कर ली। कुछ दिन तो यह सब ठीक-ठाक चलता रहा, लेकिन बाद में पति रोजाना शाम को अपने दोस्तों के साथ घर पर शराब पीने लगा। बीवी ने आरोप लगाया कि शुक्रवार को उसके पति के एक दोस्त ने उसकी खूबसूरती की तारीफ कर दी। पति ने अपनी पत्नी का हाथ पकड़कर उसे अपने दोस्तों के हवाले कर दिया और कह दिया, जो तुम लोगों के मन में आए, वह करो। जब इसका विरोध युवती ने किया तो पति ने उसके साथ मारपीट की और घर से भगा दिया।

रविवार को युवती रोती-बिलखती एसएसपी राजेश कुमार राठौर के बंगले पर पहुंची और उन्हें अपनी व्यथा सुनाई। पीडि़ता की बातें ध्यान से सुनने के बाद एसएसपी ने महिला थाने की पुलिस को कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए। युवती ने एसएसपी के सामने पति पर आरोप लगाया कि वह अप्राकृतिक यौन संबंध ने बनाने के लिए भी आए दिन उसके साथ मारपीट करता था। युवती ने एसएसपी से पति के खिलाफ रेप की रिपोर्ट दर्ज करने की गुजारिश की है।

मथुरा में अश्लील फिल्म बनाता था बाबा

19-1-2011मथुरा
मथुरा के घाटों और मंदिरों का बैकग्राउंड लेकर अश्लील फिल्म बनानेवाला वृंदावन का विवादास्पद स्वामी भगवताचार्य उर्फ राजेंद्र आखिरकार पुलिस के गिरफ्त में आ ही गया पुलिस ने उसको पत्नी के साथ गिरफ्तार कर लिया है। वह पिछले 10-12 दिनों से फरार था। पुलिस टीम ने गाजियाबाद में स्वामी के रिश्तेदार के घर से अश्लील सीडी और कैमरे बरामद किए हैं।

मथुरा जिले में महीने भर पहले स्वामी राजेंद्र के अश्लील फिल्मों के निर्माण में शामिल होने पर काफी हंगामा मचा था। कई संगठनों ने राजेंद्र के पुतले जलाए थे और उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। राजेंद्र पर घाटों , मंदिरों और यमुना नदी का बैकग्राउंड लेकर अश्लील फिल्में बनाने का आरोप है। पुलिस का कहना है कि स्वामी राजेंद्र प्रवचन करता था और अपने विदेशी शिष्यों के लिए अश्लील फिल्में बनाता था। स्वामी पर आईपीसी की धारा 377 और आईटी एक्ट की धारा 67 बी के तहत मामला दर्ज किया गया है।

मामले के जांच अधिकारी ने बताया कि कुछ फिल्मों में राजेंद्र अप्राकृतिक सेक्स में शामिल है और कुछ फिल्मों में छोटे बच्चों के साथ गलत हरकतें की गई हैं। चूंकि ये दोनों संज्ञेय अपराध है , इसलिए दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

वहीं आरोपी स्वामी का कहना है कि वह अपने निजी इस्तेमाल के लिए इस तरह की फिल्में और क्लिप्स बनाता था , जिसे कुछ लोगों ने चुरा लिया और बाद में उसका बेजा इस्तेमाल किया। आरोपी का कहना है कि उस पर लगाए गए सारे आरोप निराधार है और सीडी से छेड़छाड़ की गई है।

इससे पहले स्वामी की पत्नी ने एक आईटी फर्म को अपना लैपटॉप मरम्मत के लिए दिया था। उसकी पत्नी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्होंने अपना खराब लैपटॉप मथुरा की बी साइबर वर्ल्ड नामक फर्म को मरम्मत के लिए दिया था , जिसमें उनके अपने पति के साथ कुछ फोटो थे , जिन्हें इन लोगों ने निकाल लिया। शिकायत के अनुसार फर्म ने फोटो न लीक करने के लिए ब्लैकमेलिंग के तौर पर 10 लाख रुपये मांगे और रकम न देने पर उन्हें सार्वजनिक कर दिया।

मथुरा के एसपी ( सिटी ) राम किशोर वर्मा ने कहा कि राजेंद्र और उनके परिजन गिरफ्तारी से बचने के लिए कानपुर , मथुरा और गाजियाबाद का रुख कर रहे थे। जांच अधिकारी विवेक त्रिपाठी ने स्वामी को उसकी पत्नी समेत गिरफ्तार कर लिया।

वीना मलिक के खिलाफ मुकदमा दायर

वीना मलिक के खिलाफ मुकदमा दायर
बिग बॉस में भाग लेने वाली वीना मलिक के खिलाफ मुकदमा दायर
भाषा | लाहौर, पाकिस्तान की चर्चित अभिनेत्री वीना मलिक के खिलाफ भारतीय रिएल्टी टेलीविजन शो ‘बिग बॉस’ में भाग लेने के दौरान ‘अनैतिक और गैर इस्लामिक व्यवहार’ करने के आरोप में लाहौर की अदालत में एक मुकदमा दायर किया गया है.

लाहौर के बाघबानपुरा के निवासी मियां मुहम्मद इकबाल ने अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश मेहर मुहम्मद यूसुफ की अदालत में मुकदमा दायर किया.

इकबाल ने दावा किया कि पाकिस्तानी प्रेस में टेलीविजन शो के दौरान वीना मलिक के अनैतिक आचरण के बारे में रिपोर्ट प्रकाशित की गई और पुलिस को उनके खिलाफ एक मामला दर्ज करना चाहिये. शुरुआती दलील को सुनने के बाद अदालत ने शालीमार पुलिस स्टेशन से 24 जनवरी तक अपना उत्तर देने के लिये कहा है.

डयूटी पर गर्भवती होने पर प्रशिक्षक किये निलंबित

डयूटी पर गर्भवती होने पर प्रशिक्षक किये निलंबित
रायपुर, छत्तीसगढ़ सशत्र पुलिस की सातवीं वाहिनी में पदस्त दो कुतियों को इस लिए निलंबित कर दिया गया है क्योंकि वह अचानक गर्भवती हो गई हैं.

उनके साथ उनके दो प्रशिक्षकों को भी “कर्तव्यहीनता और अवैधानिक कृत्य” के आरोप में निलंबित कर दिया गया है साथ ही उनसे कुतियों के गर्भवती होने के बारे में स्पष्टीकरण भी माँगा गया है.

विभाग नें अलग से सीमा और लीज़ा नाम की इन दो लाब्राडोर कुतियों के गर्भवती होने की जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं.

हालांकि दोनों ही प्रशिक्षकों नें अपने आपको बेक़सूर बताते हुए वाहिनी प्रांगण में फैली कुव्यवस्था को इसका ज़िम्मेदार ठहराया है.

उनका कहना है कि जिस जगह कुतियों को रखा गया है वह एक टूटा फूटा दडबा है. हो सकता है कि कुतियाँ रात में बाहर निकल जाया करतीं हों या गली के कुत्तों के संपर्क में आ गई हों.

डॉग स्क्वॉड
सीमा और लीज़ा छत्तीसगढ़ पुलिस के ‘डॉग स्क्वॉड’ यानी के कुत्ता वाहिनी की सदस्य हैं जो विस्फोटक और नशीले पदार्थों का पता लगाने में और किसी भी अपराध के अनुसंधान संबंधित पहलुओं में मदद करती रही हैं.

कुत्ता वाहिनी की मादा सदस्यों के लिए यह ज़रूरी है कि वह गर्भवती न हों इसीलिए उनके रखरखाव में ख़ासा ध्यान रखा जाता है और उन्हें दूसरे नर सहयोगियों से दूर रखा जाता है.

लीज़ा और सीमा के गर्भवती होने को विभाग एक बड़ी चूक के रूप में देख रहा है और यही वजह है कि उनके दोनों प्रशिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है.

कुतियों के प्रशिक्षक मोहन गुप्ता कहते हैं कि चूंकि सिर्फ़ उनकी नहीं है. उनका दावा है कि उन्होंने कुत्तों के रहने वाली जगह के अव्यवस्थित होने की बात आला अधिकारियों के समक्ष बार बार रखी है.

कुत्तों के रहने की व्यवस्था ठीक नहीं है इस बात को बार बार बड़े अधिकारियों को बताया गया. मगर किसी नें एक ना सुनी. पुलिस ग्राउंड के व्यायामशाला के पीछे कुत्तों के रहने का इंतज़ाम किया गया.

सीमा नें दिसंबर को सात पिल्लों को जन्म दिया जबकि लीज़ा ने दस. इसके बाद इनके प्रशिक्षकों को फ़ौरन निलंबित कर दिया गया.

रायपुर में डॉग स्क्वॉड में पांच कुत्ते हैं.

मोहन गुप्ता कहते हैं, “गर्भवती होने की बात तब सामने आई जब दोनों कुतियों का पेट फूलने लगा और जानवरों के डाक्टर नें एक्सरे करवाया. अब इसमें हमारा क्या दोष है. हमसे कहा गया है कि हमने अवैधानिक कृत्य किया है. इसका बहुत दुख है.”

निलंबित किये गए प्रशिक्षकों का कहना है कि दूसरे राज्यों में या फिर अर्धसैनिक बलों के पास जो कुत्ते हैं उनके लिए एक सहायक अलग से बहाल किया जाता है. मगर रायपुर में इसकी कोई व्यवस्था नहीं है और प्रशिक्षकों को ही सब कुछ करना पड़ता है.

इस संबंध में पूछे जाने पर राज्य के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक रामनिवास ने कहा कि वह मामले की जांच पूरी हो जाने के बाद ही कोई आधिकारिक बयान दे सकेंगे.

Monday, January 17, 2011

जय-जय मध्यप्रदेश, मध्यप्रदेश राज्य की स्थापना के 52वीं वर्षगांठ

अकेले काम नहीं चल रहा..पति किराए पर ले लो!


जार्जिया में एक कंपनी अकेली महिलाओं को पति किराए पर देने की सुविधा दे रही है। यह कंपनी महिलाओं को प्रति घंटे के हिसाब से घर के कामों में मदद करने के लिए पति किराए पर उपलब्ध करवा रही है हालांकि सर्विस देने वाली कंपनी का यह भी कहना है कि बहुत सी महिलाएं इन किराए के पतिओं से सेक्स की उम्मीद भी रखती हैं।



इस कंपनी के मालिक बेसो मेकहेडलिशविली के मुताबिक उनकी सर्विस उन महिलाओं की मदद के लिए शुरु की गई है जिन्हें घर के मुश्किल कामों में मदद के लिए पति की जरूरत होती है। बेसो कहते हैं कि हालांकि बहुत सी महिलाएं कंपनी के नाम ए हसबैंड फॉर एन ऑवर लिमिटेड के नाम का कुछ और ही मतलब समझ लेती हैं और किराए पर मिलने वाले इन पतिओं से सेक्स की उम्मीद भी करने लगती हैं।



कभी सोवियत संघ का हिस्सा रहे जार्जिया में यह व्यापार दो महीने पहले शुरु किया गया था। कंपनी का मूल उद्देश्य महिलाओं को घर के मुश्किल कामों में पतियों की मदद उपलब्ध कराना था लेकिन अब ज्यादातर महिलाएं सेक्स की मांग करने के लिए कॉल करती हैं।



बेसो कहते हैं कि उन्हें महिलाओं को समझाना पड़ता हैं कि उनके यहां किराए पर मिलने वाले पति पुरुष वेश्या नहीं है। वो सेक्स करने के लिए नहीं बल्कि घरेलू काम करने के लिए पैसे लेते हैं। हालांकि इस कंपनी के पतियों को एक घंटे के लिए किराए पर लेना काफी महंगा। यहां से एक पति 17 डॉलर प्रति घंटे की दर पर किराए पर मिलता है।

9 साल तक पुरुष बन महिलाओं के साथ सेक्स करती रही


लंदन. ब्रिटेन में एक महिला पर पुरुष बनकर दो महिलाओं से नौ साल तक शारीरिक संबंध रखने का आरोप लगा है। एक समाचार पत्र कि रिपोर्ट के मुताबिक समाथा ब्रूक्स नाम की इस 26 वर्षीय महिला ने एक युवती को तो शादी तक के लिए प्रपोज कर दिया।

रिपोर्ट के मुताबिक पुरुष बनी इस समांथा का एक अफेयर तो आठ साल तक चला जबकि दूसरा भी आठ महीने तक चला। अब समांथा पर धोखा देकर शारीरिक संबंध रखने के आरोप लगे हैं। फिलहाल समांथा के खिलाफ स्कॉटलैंड के ग्लासगो हाई कोर्ट में मुकदमा चल रहा है।

मामले की सुनवाई के दौरान सामने आया कि समांथा ने अपनी प्रेमिकाओं से कहा कि उसे टेस्टीकुलर कैंसर (पुरुष अंग में होने वाला कैंसर) है और इस कारण वो संभोग नहीं कर सकती। यही नहीं अपनी ब्रेस्ट को छुपाने के लिए भी उसने झूठ बोला और कहा कि उसकी कमर पर जलने के निशान हैं इसलिए उसे अपने ब्रेस्ट पर बेंडेज बांधने पड़ते हैं। दूसरी महिला से उसने कहा कि उसके सीने में किसी ने चाकू घोंप दिया था जिसके चलते उसे ब्रेस्ट पर बेंडेज बांधना पड़ता है।

समांथा पर यह भी आरोप है कि उसने किसी चीज पर कंडोम पहनाकर उसे लिंग के रूप में अपनी प्रेमिकाओं को दिखाया और फिर उनसे नजदीकियां बढ़ाने में सफलता प्राप्त की। वो यूं तो दोनों महिलाओं के सामने नहाई भी लेकिन अपना शरीर छुपाने के लिए उसने बबल बॉथ लिया ताकि झाग में उसका शरीर छुप सके।

खुद को पुरुष दिखाने के लिए वो खड़े होकर ही पेशाब भी करती थी। लेकिन उसने कभी भी अपने शरीर को अपनी प्रेमिकाओं के सामने नंगा नहीं किया। उसकी प्रेमिका रही दोनों महिलाएं कभी भी उसके ब्रेस्ट नहीं देख पाईं। हालांकि कोर्ट में समांथा ब्रूक्स पर कई आरोप लगे हैं लेकिन उसने किसी को भी स्वीकारने से इंकार कर दिया है। मामले की सुनवाई जारी है।

किम ने सेक्सी बिकनी पहनी है जिसमें उनकी सुडौल काया के साफ दर्शन हो रहे हैं।



लंदन. यूं तो किम करडाशियन हमेशा यह कहती रही है कि वो अपने शरीर को लेकर काफी शर्मीली है और उसे अपनी हॉट काया दिखाने में लज्जा आती है लेकिन हाल ही में उसने जो ट्विटर पर अपनी तस्वीर पोस्ट की है उसे देखने के बाद छुपाने के लिए ज्यादा कुछ नहीं रह जाता।



इस तस्वीर में किम ने उत्तेजक बिकनी पहनी हुई है और उनके शरीर के उभार साफ नुमाया हो रहे हैं। किम का यह फोटो उनके आने वाले फोटोशूट की एक झलक भर है। ट्विटर पर पोस्ट की कई इस तस्वीर में किम ने सेक्सी बिकनी पहनी है जिसमें उनकी सुडौल काया के साफ दर्शन हो रहे हैं।



30 वर्षीय किम ने इस तस्वीर को टूसेक्सीटूट्वीट के कैप्शन के साथ पोस्ट किया है। फोटो में उसने काफी गहरी लिपस्टिक लगा रखी है और उसकी आंखें भी नशीली नजर आ रही हैं।



गौरतलब है कि हाल ही में किम ने ग्लैमर मैग्जीन को दिए एक साक्षात्कार में कहा था कि वो अपने आप को इतना सेक्सी नहीं समझती है जितना सेक्सी की लोग उसे समझते हैं।

उत्तेजक अदाओं में ओलीविया लग रही है वाइल्ड