Sunday, March 20, 2011

भगौरिया उत्सव देखकर भाव-विभोर हुए पर्यटक

भगौरिया उत्सव देखकर भाव-विभोर हुए पर्यटक

सैलानियों को रिझाने के लिये पर्यटन विकास निगम की अनूठी पहल
Bhopal: Saturday, March 19, 2011:

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मध्यप्रदेश के झाबुआ-अलीराजपुर क्षेत्र में भील-भिलाला जनजातियों के विश्वप्रसिद्ध भगौरिया उत्सव को देखकर देश भर से आये पर्यटक भाव-विभोर हो गये। विगत 12 से 18 मार्च तक आयोजित इस अद्भुत उत्सव को देखने के लिये मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम ने इन सैलानियों को विशेष रूप से बुलाया था। इन सैलानियों में मीडिया प्रतिनिधि, पत्रकार और ट्रेवल एजेंट भी शामिल थे। इनके लिये अलीराजपुर जिले के ग्राम उमरठ में एक आधुनिक सुविधाओं से युक्त विशाल कैम्प भी लगाया
गया था।

उल्लेखनीय है कि भगौरिया उत्सव मध्यप्रदेश के पश्चिमी निमाड़ क्षेत्र में तथा राजस्थान एवं गुजरात की सीमा से लगे गांव-देहातों में तीनों संस्कृतियों के रीति-रिवाज के समावेश के बीच आदिवासी भील, भिलाला जाति के युवक-युवतियों द्वारा होली से पूर्व उत्सव मनाया जाता है। झाबुआ एवं अलीराजपुर जिलों में हाट-बाजार के दिन समस्त ग्राम एवं कस्बों में यह उत्सव मनाया जाता है। इसमें मस्ती से ढोल, बाँसुरी बजाते हुए आदिवासी युवक-युवतियां पूरे उमंग-उल्लास में एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाते हैं। कहीं ये लोग देवी-देवताओं की पालकियां सिर पर उठाये थिरकते रहते हैं तो कहीं वे एक-दूसरे पर टेसू के फूलों से बना रंग फेंकते हैं।

भगौरिया उत्सव में देश के अतिथि आमंत्रित

भगौरिया उत्सव को जन-सामान्य एवं देश-विदेश में परिचित कराने एवं पर्यटकों को रिझाने के लिये मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन निगम द्वारा इस वर्ष भागीरथी प्रयास किया गया। इसमें पर्यटन निगम द्वारा एक सप्ताह तक चलने वाले भगौरिया उत्सव में देश के प्रमुख शहरों से पत्रकारों, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के रिपोर्टरों एवं ट्रेवल एजेंट्स को 20 से 25 के दो ग्रुपों में आमंत्रित किया। पहला ग्रुप पहले तीन रात चार दिन ठहरा और दूसरा ग्रुप अगले तीन रात चार दिन ठहरा। इनके लिये अलीराजपुर जिले में सोण्डवा ब्लॉक के ग्राम उमरठ में एक विशाल कैम्प लगाया गया, जिसमें अत्याधुनिक स्विस टेन्ट लगाकर ठहरने, खानपान एवं भ्रमण की व्यवस्था की गई।

प्रबंध निदेशक मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन निगम श्री हरिरंजन राव व्यवस्थाओं के सुचारु संचालन के लिये कैम्प के दौरान प्रथम दो दिन मौजूद रहे। पहले ग्रुप को एक दिन ग्राम छतकला, ब्लाक सोण्डवा ले जाकर भगौरिया हाट उत्सव से रूबरू कराया गया। कैम्प में भाग लेने वाले अतिथियों ने वहां मेले का भरपूर आनंद उठाया। अगले दिन उन्हें जिला धार की विश्वप्रसिद्ध बाघ गुफाएं एवं संग्रहालय का अवलोकन कराया गया। वहां के अप्रतिम सौंदर्य को देखकर सभी अतिथि भाव-विभोर हो उठे। इसी प्रकार दूसरे ग्रुप के अतिथियों को एक दिन बाघ गुफाएं और दूसरे दिन सोण्डवा का भगौरिया हाट बाजार दिखाया गया।

आदिवासी युवकों को प्रशिक्षण

कैम्प में कर्मचारियों के रूप में कार्य करने के लिये सोण्डवा ब्लॉक के अंतर्गत सेकड़ा गांव के आठ आदिवासी युवकों को एक माह तक मध्यप्रदेश पर्यटन निगम के झाबुआ स्थित होटल में प्रशिक्षण देकर कार्य पर रखा गया। इसे स्थानीय लोगों ने सराहा। इस पूरे आयोजन का मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा फिल्मांकन भी कराया गया, जिसे विभिन्न अवसरों पर देश-विदेश के लोगों को दिखाया जायेगा। इससे प्रदेश में पर्यटकों के आगमन में वृद्धि होगी।

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