Friday, December 17, 2010

जूलियन असांज से पहली मुलाकात

जूलियन असांज : सारे रहस्यों का अंत
'फिजिक्स पर कोई भी अपना रिसर्च पेपर 'फुल एक्सपेरिमेंटल डेटा' और प्रायोगिक नतीजों के बगैर किसी जर्नल में प्रकाशित नहीं करवा सकता', ये कहना है विकीलीक्स के एडीटर-इन-चीफ जूलियन असांज का। साइंस और गणित के छात्र रहे जूलियन पत्रकारिता में पारदर्शिता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण की वकालत करते हैं। ब्रिटिश मैगजीन 'न्यू स्टेट्समैन' ने अपने सितंबर के अंक में असांज को दुनिया की 50 सबसे प्रभावशाली हस्तियों में 23 वें स्थान पर रखा था। वहीं यूटने रीडर मैगजीन ने नवंबर-दिसंबर के अंक में जूलियन असांज को दुनिया के 25 ऐसे विजनरीज में से एक बताया था, जो हमारी दुनिया को बदलने में अपना योगदान दे रहे हैं। 29 नवंबर तक असांज मशहूर टाइम के 'पर्सन आफ द इयर-2010' के रीडर्स पोल में लीड कर रहे थे। 20 नवंबर को इंटरपोल ने स्वीडिश नागरिकता प्राप्त जूलियन असांज के खिलाफ इंटरनेशनल अरेस्ट वॉरंट जारी कर दिया। इसके अलावा असांज के खिलाफ यूरोपियन यूनियन का एक अरेस्ट वॉरंट पहले से ही जारी है। सरकारों में उनके प्रति गुस्से की झलक नेशनल क्रिमिनल पुलिस प्रवक्ता के इस बयान से मिल जाती है कि - हम ये सुनिश्चित करेंगे कि दुनियाभर की पुलिस जूलियन असांज के खिलाफ अरेस्ट वॉरंट को गौर से देखें और उसे अमल में लाएं। कनाडा प्रधानमंत्री के सलाहकार कहते हैं कि असांज को मौत के घाट उतार देना चाहिए। अमेरिका उन्हें देशद्रोही, ब्लैकमेलर और सबसे खतरनाक अपराधी बता रहा है। कुछ अमेरिकी सरकारी अधिकारियों का मानना है कि जूलियन असांज जहां भी हैं, उन्हें मानवरहित विमान ड्रोन के जरिए मार डालना चाहिए। अपना असली चेहरा दुनिया के सामने आ जाने से बौखलाई अमेरिकी सरकार ने उनके खिलाफ वारंट जारी किया है, लेकिन हंसी की बात ये कि इस वारंट में असांज को यौन अपराधी बताया गया है।
दुनियाभर में लोकतंत्र और आजादी पसंद करने वालों के हीरो बन चुके जूलियन असांज आज बेखौफ पत्रकारिता की एक मिसाल बन चुके हैं। केन्या में हुई एक एक्स्ट्राज्यूडीशियल राजनीतिक हत्या में लिप्त हत्यारों का खुलासा करने पर 2009 में असांज को पत्रकारिता का पहला अवार्ड एमनेस्टी इंटरनेशनल मीडिया अवार्ड मिला था। असांज अब उस पड़ाव से काफी आगे निकल आए हैं। ज्यादातर वक्त भूमिगत रहने वाले विकीलीक्स के एडीटर-इन-चीफ जूलियन असांज के इन खुलासों ने 1970 के दशक में राष्ट्रपति निक्सन की नींव हिला देने वाले वॉटरगेट स्कैंडल की यादें ताजा कर दी हैं। उस वक्त वॉशिंगटन पोस्ट के रिपोर्ट्स कार्ल बर्नस्टाइन और बॉब वुडवर्ड ने इस केस की छानबीन में उसी निर्भीकता का परिचय दिया था, जैसा कि असांज आज कर रहे हैं। इंटरनेशनल मीडिया विकीलीक्स खुलासों का अंजाम वॉटरगेट स्कैंडल के नतीजों में तलाश रही है। हाल के खुलासे जो लगातार जारी हैं, इतने गंभीर हैं कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन की कुर्सी जाने के कयास लगा रही है। पेश है जूलियन असांज के जीवन और भंडाफोड़ करने वाली उनकी वेबसाइट के काम करने के तौर-तरीकों और तकनीक पर ‘वॉयेजर’ की ये खास रिपोर्ट। इस रिपोर्ट की शुरुआत, न्यू साइंटिस्ट के रिपोर्टर डेवि़ड कॉन के अनुभवों से कर रहे हैं, जो उन्हें स्वीडन में जूलियन असांज से मुलाकात के वक्त हुए थे।

जूलियन असांज से पहली मुलाकात


'जल्दी करें, वर्ना आप उन्हें मिस कर देंगे', प्रेस ऑफीसर की इस तेज आवाज के साथ ही हमारे कदमों की रफ्तार तेज हो गई। मैं और मेरे साथ कुछ चुनिंदा रिपोर्टर यूनाईटेड किंगडम के होटल ऑक्सफोर्ड के एक गलियारे से गुजर रहे थे। हम सबकी निगाहें ऑस्ट्रेलियाई हैकर और भांडाफोड़ करने वाली वेब साइट विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांज को तलाश कर रहीं थीं। यहां हम उनके ही बुलावे पर एक छोटी अनौपचारिक सी प्रेस कांफ्रेंस में उनसे सवाल-जवाब करने आए थे। जल्दी ही हम एक खुले अहाते में पहुंचे जहां लाल चमड़े की आर्मचेयर पर बैठे असांज नजर आ गए, आगे बैठने की होड़स में कुछ स्थानीय पत्रकार उन्हें घेरे हुए थे। असांज काफी परेशान से नजर आ रहे थे, उनके हाव-भाव किसी भगोड़े के जैसे लग रहे थे, उन्होंने बोलना शुरु किया लेकिन कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था, क्योंकि उनका उच्चारण साफ नहीं था। असांज रुक-रुक कर बोल रहे थे, मानो बोलने से पहले हर शब्द को तौल रहे हों।
असांज इस साल अप्रैल से लाइमलाइट में आए, जब उनकी साइट विकीलीक्स ने 2007 में अमेरिकी सेना के हाथों इराकी नागरिकों के नरसंहार की वीडियो क्लिप जारी की थी। हैरानी की बात थी, कि न्यूज एजेंसी रायटर्स सूचना की स्वतंत्रता वाले अमेरिकी कानून के जरिए इन घटनाओं के क्लासीफाइड ऑफीशियल डॉक्यूमेंट्स और वीडियो हासिल करने की कोशिश में लगातार तीन साल से जुटी थी। लेकिन असांज के नेतृत्व में कुछ अज्ञात से कार्यकर्ताओं के जरिए चलाए जा रहे विकीलीक्स नाम के एक छोटे से गुमनाम संगठन ने ये सब हासिल करके मानो क्रांति ही कर दी, सिटीजन जर्नलिस्ट की परिकल्पना सही मायनों में साकार हो उठी, हां ये बात अलग है कि इस दुस्साहसी गुट की जुर्रत ने अमेरिकी सरकार को दांत पीसने पर मजबूर कर दिया।
“क्या आपको अमेरिका से किसी किस्म का खतरा महसूस होता है,” एक पत्रकार ने सवाल किया।
“अमेरिकी सरकार के कुछ अधिकारियों ने निजी तौर पर कुछ गैरजिम्मेदाराना बयान दिए हैं,” असांज ने जवाब दिया।
“गैरजिम्मेदाराना बयानों से आपका क्या मतलब है ?”
“ऐसे बयान जिनसे जाहिर होता है कि वो कानून की कद्र नहीं करते।”
असांज ने बताया कि उनकी जिंदगी को अमेरिका से कोई सीधा खतरा तो नहीं है, लेकिन वहां के एक खोजी रिपोर्टर दोस्त की सलाह पर उन्होंने कुछ दिन बाद होने वाला अपना अमेरिका दौरा स्थगित कर दिया है।

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