Friday, November 26, 2010

यूएईद्ध के कामगार शिविरों में अवैध शराब के कारोबार पर वर्चस्व की लड़ाई

संयुक्त अरब अमीरात (यूएईद्ध के कामगार शिविरों में अवैध शराब के कारोबार पर वर्चस्व की लड़ाई के चलते दर्जनों भारतीय युवक जेल में हैं।

एक खबर में बताया गया है कि गिरफ्तार किए गए इन युवकों में से ज्यादातर मौत की सजा का सामना कर रहे हैं। इन पर शरजाह और दुबई में प्रतिद्वन्द्वी गिरोहों के सदस्यों की हत्या करने का आरोप है।

खबर के अनुसारए संयुक्त अरब अमीरात की अदालतों ने 22 युवा भारतीयों को पिछले तीन साल में मौत की सजा सुनाई है। कई को अधिकतम सजा भी दी गई है।

गल्फ न्यूज की जांच के अनुसारए 19 साल से 28 साल की उम्र के 60 युवा या तो मौत की सजा का सामना कर रहे हैं या उन पर मुकदमा चलाया जा रहा है। इनमें से 59 युवक पंजाब के और एक हरियाणा का है।

इन लोगों में वे 17 भारतीय भी हैं जिन्हें शरजाह में अवैध शराब के धंधे पर नियन्त्रण के लिए लड़ाई के दौरान एक पाकिस्तानी को मार डालने के जुर्म में मौत की सजा सुनाई गई है। खबर के अनुसारए संयुक्त अरब अमीरात में करीब एक लाख पंजाबी हैं।

अखबार ने ओबरॉय को यह कहते हुए उद्धृत किया है ‘‘संयुक्त अरब अमीरात में शराब के अवैध कारोबार के आरोप में पकड़े गए पंजाबी युवकों की पारिवारिक पृष्ठभूमि घोर निर्धनता का संकेत देती है। यहां आने के लिए वे लोग भारी भरकम कर्ज लेते हैं और यहां आने के बाद मजदूरी या ऐसे ही छोटे मोटे काम करते हैं।श्श्

अवैध शराब के कारोबार में लिप्त ज्यादातर युवा पहले तो कौशल युक्त कार्योंश् के लिए भाड़े पर लिए जाते हैं और उनकी मासिक आमदनी 14ए940 रुपये प्रति माह (1200 दिरहमद्ध होती है।

खबर के अनुसारए लेकिन जल्द ही वे अवैध शराब के धंधे से जुड़ जाते हैं जिसमें उन्हें पैसा तो भरपूर मिलता है लेकिन गिरोहों की आपसी रंजिश में कई लोग मारे भी जा चुके हैं।

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